नवाचार और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने के लिये पर्याप्त नीतियाँ लागू हो चुकी हैं- डॉ. पुनीत द्विवेदी

- आई.आई.एम.टी कॉलेज ऑफ़ फ़ार्मेसी, ग्रेटर नोएडा (उ.प्र) के वेबिनार सेशन में मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित थे इंदौर के डॉ. पुनीत द्विवेदी
- देश में युवाओं के लिये नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्रों अपार संभावनायें हैं।
इंदौर, मॉडर्न ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट्स के समूह निदेशक डॉ पुनीत द्विवेदी आई.आई.एम.टी कॉलेज ऑफ़ फ़ार्मेसी, ग्रेटर नोएडा (उ.प्र) के वेबिनार में बतौर मुख्य अतिथि वक्ता आमंत्रित रहे। ज्ञातव्य है कि यह वेबिनार नवाचार एवं उद्यमिता को प्रेरित करने वाले संस्थानों की भूमिका से संबंधित था। उक्त वेबिनार में लगभग २०० प्रतिभागियों ने अपनी सहभागिता दर्ज की। बतादें कि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा ए.आई.सी.टी.ई के माध्यम से देश के सभी शिक्षण संस्थानों में नवाचार एवं स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने कि लिये इनोवेशन सेल की स्थापना को अनिवार्य किया गया है। डेढ़ घंटे के अपने वक्तव्य में डॉ द्विवेदी ने प्रतिभागियों को उद्यमिता और नवाचार के गुर सिखाए। डॉ. पुनीत ने बताया कि अब देश में नवाचार और उद्यमिता विकास के लिये पर्याप्त संसाधन है और नीतियों का क्रियान्वयन बडे ही सुचारु रूप से किया जा रहा है। नीति आयोग, डिपार्टमेंट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, ई.डी.आई, निसबड, इत्यादि इकोसिस्टम ईनेबलर्स उद्यमिता शिक्षा एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम को मज़बूत करने में लगे हैं।स्टार्टअप्स को विभिन्न स्तरों पर फ़ंडिंग के साथ-साथ अन्य तकनीकि, मेंटरिंग सपोर्ट आदि भी आसानी से अब मिल पा रहा है। कार्यक्रम का संचालन सुश्री जयश्री सुल्तानिया ने किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्थान के निदेशक डॉ. मल्लिकार्जुन ने डॉ. पुनीत का स्वागत किया एवं उद्यमिता विकास के क्षेत्र में अभिनव प्रयोगों की चर्चा की। कार्यक्रम की संयोजिका एवं आई.आई.सी सेल कन्वेनर सुश्री अंकिता त्रिपाठी ने उक्त कार्यक्रम की जानकारी प्रस्तुत की।वेबिनार सेशन के अंत में डॉ पुनीत ने प्रतिभागियों के जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों के उत्तर दिये। कुलानुशासक (डीन) डॉ. पुष्पेन्द्र जैन ने आभार व्यक्त किया।

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