टीके की दोनों डोस लेना है आवश्यक : प्रतिरक्षण अधिकारी

शिवम अग्निहोत्
री ललितपुर। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से पूरा देश इस वक्त जूझ रहा है। इस संक्रमण से बचने के लिए कोरोना प्रोटोकॉल का पालन और वैक्सीन ही बचाव है। पूरे देश में 16 जनवरी से वैक्सीन उपलब्ध हो गई थी, विभिन्न चरणों में अब तक स्वास्थ्य कर्मी, विभिन्न आयु वर्ग और फ्रण्टलाइन वर्कर को वैक्सीन दी जा चुकी है। नये आदेश के मुताबिक टीकाकरण केन्द्रों पर अब सिर्फ उन का टीकाकरण होगा जिन लोगों ने ऑनलाइन रेजिसट्रेशन कराया है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा आदेश प्राप्त हुआ है अब प्रथम डोस लेने वाले लोगों का टीकाकरण सिर्फ ऑनलाइन रेजिसट्रेशन से होगा। प्रथम डोस लेने वाले लोगों के लिए ऑन स्पॉट रेजिसट्रेशन कि सुविधा अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई है। दूसरा डोस लेने वाले लोगों को टीकाकरण केन्द्रों पर पहले की तरह ऑन स्पॉट रेजिसट्रेशन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसी के साथ ही 18 से 44 उम्र वाले लोगों का टीकाकरण अभी जनपद में शुरू नहीं हुआ है, टीकाकरण के लिए उन्हें भी ऑनलाइन रेजिसट्रेशन कराना होगा। वह बताते हैं संक्रमण से पूर्ण बचाव के लिए वैक्सीन कि दोनों डोस लगना अत्यंत आवशयक है। इसके बाद ही शरीर में रोग से लडऩे कि क्षमता पैदा होती है। टीकाकरण के बाद भी मास्क लगाना, नियमित अन्तराल पर हाथ धोना और उचित दूरी रखना आवशयक है। उन्होंने बताया वैक्सीन कि अभी जनपद में दो वैक्सीन कोविशील्ड और कोवेक्सीन दी जा रही है। कोविशील्ड की पहली खुराक लेने के बाद दूसरी खुराक 6 सप्ताह बाद दी जाती है। वहीं कोवेक्सीन कि पहली डोस के बाद 4 सप्ताह के अन्तराल पर दूसरी खुराक दी जाती है। दोनों डोस लेने के दो सप्ताह बाद शरीर में वायरस से लडऩे कि क्षमता विकसित होने लगती है। कैसे काम करती है वैक्सीन
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा.हुसैन खान ने जानकारी देते हुए बताया वैक्सीन किसी भी बीमारी या संक्रमण से लडऩे में मदद करती है। वैक्सीन लगने के बाद शरीर में बीमारी से लडऩे के लिए एंटीबाडी बन जाती हैं, जब शरीर में संक्रमण होता है तब यह एंटीबाडी शरीर को सुरक्षा प्रदान करती हैं और बीमारी से बचाती हैं। अक्सर वैक्सीन लगने के बाद हल्का बुखार, बदन दर्द होता है इसका यह मतलब नहीं होता है कि वैक्सीन नुकसान कर रही है बल्कि इससे यह समझ आता है कि वैक्सीन शरीर में पहुँच कर अपना काम कर रही है। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण से निपटना है तो कम से कम 60 से 70 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण होना आवशयक है। प्रतिरक्षित व्यक्ति खुद भी संक्रमण से सुरक्षित रहता है और साथ ही दूसरे को भी सुरक्षा प्रदान करता है। कभी कभी देखा गया है कि वैक्सीन के दोनों डोस लेने के बाद भी व्यक्ति संक्रमित हो गया है इससे लोग वैक्सीन लेने में हिचक रहे हैं। वह बताते हैं कि वैक्सीन के बाद कभी कभी संक्रमण हो सकता है, वैक्सीन किसी भी संक्रमण से बचने कि सिर्फ 90 से 95 प्रतिशत गारंटी देता है। लेकिन वैक्सीन लिए हुए व्यक्ति को गंभीर संक्रमण नही होता है। मुख्यत: प्रतिरक्षित व्यक्ति को हॉस्पिटल में जाने कि आवश्यकता नहीं होती और वह होम आइसोलेशन में ही ठीक हो जाता है। 16 जनवरी से शुरू हुए कोविड टीकाकरण अभियान के आंकड़े (6 मई तक), अब तक जनपद में कुल 73576 लोगों ने वैक्सीन ली है। आंकड़ों के हिसाब से 64,076 ने टीके के पहली डोस ली है और सिर्फ 9,500 लोगों ने ही दूसरा डोस लिया है। हेल्थकेयर वर्कर्स प्रथम डोस- 4199, द्वितीय डोस- 2965, प्रतिशत 86.29, फ्रण्टलाइन वर्कर्स प्रथम डोस 4321, द्वितीय डोस 3058, प्रतिशत 86.20, 45 से 59 वर्ष के लाभार्थी प्रथम डोस 25149, द्वितीय डोस- 367, 60 से अधिक उम्र के व्यक्ति, प्रथम डोस- 30407, द्वितीय डोस- 3110।

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