गांवों को स्मार्ट विलेज बनाने पर दिया जोर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए महामहिम राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने की वार्ता

ललितपुर। उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 10 जनपदों के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद स्थापित किया। उक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जनपद ललितपुर से जिलाधिकारी अन्नावि दिनेशकुमार, मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार पांडेय, ग्राम प्रधान धौरीसागर संतोष सहरिया शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सर्वप्रथम मंत्री पंचायती राज ने कहा कि आज महामहिम राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री संयुक्त रुप से नवनिर्वाचित प्रधानों को संबोधित कर रहे हैं, यह अत्यंत हर्ष का विषय है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधानों एवं निगरानी समितियों द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है, जिसका परिणाम है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना काफी कम हुआ है। उन्होंने ग्राम प्रधानों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामों में पंचायत भवनों का निर्माण कराया जाए, अपने कार्यकाल के दौरान उत्कृष्ट कार्य करें। ग्राम के विकास पर पूरी तत्परता से ध्यान दें। ग्राम में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, शौचालय सहित सभी मूलभूत सुविधाओं में वृद्धि करें। इसके साथ ही उन्होंने सभी नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों को शुभकामनाएं दी। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 10 जनपदों के ग्राम प्रधानों से बारी-बारी वर्चुअल संवाद स्थापित किया। जनपद ललितपुर से ग्रामप्रधान धौरीसागर सन्तोष सहरिया से संवाद के दौरान उन्होंने ग्राम की मूलभूत सुविधाओं के बारे में जानकारी ली, साथ ही ग्राम को स्मार्ट विलेज बनाए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ग्राम के पंचायत भवनों को ग्राम पंचायत सचिवालय के रूप में विकसित किया जाए, साथ ही यहां पर कॉमन सर्विस सेंटर की स्थापना करते हुए ग्रामों को नेट कनेक्टिविटी के साथ जोड़ा जाए, जिससे यहीं पर आय, जाति, निवास सहित अन्य दस्तावेज बनाए जा सकें तथा यहीं पर टीकाकरण हेतु रजिस्ट्रेशन एवं टीकाकरण भी कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम में पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम लगाकर लोगों को आवश्यक जानकारी एवं बीमारियों के बारे में भी जागरूक किया जाए। इसके उपरांत उन्होंने सभी ग्राम प्रधानों को बधाई देते हुए कहा कि आप सभी ने कोरोनाकाल में सराहनीय कार्य किया है। आप ने शपथ ग्रहण से पहले ही निगरानी समितियों के साथ कार्य प्रारंभ कर दिया था, जिसका परिणाम आज हम देख रहे हैं। जब हर व्यक्ति टीम की भावना से कार्य करता है तो निश्चित रूप से उसके परिणाम उत्कृष्ट होते हैं, जो आज उत्तर प्रदेश में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने ग्राम प्रधानों से अपील की कि ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में बनाई गई निगरानी समिति इस समय ग्रामों में बहुत अच्छा कार्य कर रही है, यह प्रशंसनीय है। हमें अभी भी कोरोना से सतर्क रहने की आवश्यकता है, इसमें ग्राम प्रधानों की अहम भूमिका है। हमें मिलकर व्यक्ति के जीवन और जीविका दोनों को बचाना है, इसके लिए ग्राम में हर एक व्यक्ति की स्क्रीनिंग की जाए, निगरानी समितियों के पास मास्क, सैनिटाइजर, ग्लब्ज, प्लस ऑक्सिमीटर आदि पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने चाहिए। लोगों को मास्क पहनने के लिए प्रेरित करें, हर संदिग्ध व्यक्ति को मेडिसिन किट उपलब्ध कराएं तथा उसका तत्काल एन्टीजन टेस्ट कराएं। टेस्ट में नेगेटिव आने के बाद भी यदि संदिग्ध व्यक्ति में लक्षण पाए जाते हैं तो उसका ह्म्ह्ल-श्चष्ह्म् सैंपल भेजें। उन्होंने कहा कि बरसात आने वाली है, जिसमें मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है, इसके लिए हमें अभी से प्रयास करना है, यह ग्राम प्रधानों की जिम्मेदारी है कि प्रतिदिन ग्राम में साफ सफाई, सैनिटाइजेशन एवं फॉगिंग का कार्य किया जाए। सरकार हर ग्राम में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता पर कार्य कर रही है, वर्तमान में यदि आपके पास शुद्ध पेयजल की उपलब्धता नहीं भी है तो पानी को उबालकर इस्तेमाल करें, साथ ही इसके बारे में ग्रामीणों को भी प्रेरित करें। उन्होंने ग्राम प्रधानों से कहा कि प्रत्येक ग्राम में विद्यालय, अस्पताल, पंचायत भवन, पक्की सडक़ें, पेयजल, विद्युत, शौचालय आदि की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। जो कार्य वर्तमान में चल रहे हैं उन्हें तेजी के साथ कराएं। ग्राम में बिना किसी भेदभाव के साथ विकास कार्य करें, साथ ही लोगों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करें। इसके उपरांत महामहिम राज्यपाल ने कहा कि इस बार कई युवा प्रधान निर्वाचित हुए हैं जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, यह हमारे लिए गौरव की बात है। सभी ग्राम प्रधानों ने मुख्यमंत्री को अपना मंतव्य बताया है जिस को साकार करने में वे सक्षम हैं। आप सभी ग्राम प्रधान ग्राम के विकास में सहयोगी बने, इसके लिए हम सबको साथ मिलकर कार्य करना है। उन्होंने कहा कि ग्राम की विधवा महिलाओं को समय पर पेंशन प्राप्त हो, सबको समान रूप से शिक्षा मिले, यह देखना ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी है। कोरोना के बाद सभी स्कूल एवं कॉलेज खोले जाएंगे, जिसमें ग्राम प्रधान यह सुनिश्चित करें कि ग्राम का हर बच्चा स्कूल जाए। इस समय ग्राम में आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बहुत अच्छा कार्य कर रही हैं। वर्तमान में ग्राम में जो एक या दो बच्चे कुपोषित पाए जा रहे हैं, उन्हें ग्राम प्रधान गोद लेकर सुपोषित कराएं। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम प्रधान ग्राम में सर्वे कर प्राथमिकता के कार्यों को सबसे पहले पूर्ण कराएं। आज हम ऑक्सीजन की महत्ता को अच्छी तरह से समझ सकते हैं, इसके लिए ग्रामों में अधिक से अधिक वृक्षारोपण कराएं। ग्राम में अच्छा कार्य करेंगे तो लोग आपको याद रखेंगे। इसके उपरांत उन्होंने सभी नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को शुभकामनाएं दी।

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