सिर्फ प्रियंका गांधी ही हर मोर्चे पर योगी सरकार से लड़ती दिख रही हैं- जुबैर खान

लखनऊ, 28 मई 2021। सिर्फ कांग्रेस ही सभी समाजों को एक जुट करके प्रदेश को चला सकती है. अल्पसंख्यक वर्गों को प्राप्त संवैधानिक अधिकारों पर सरकारी हमले के खिलाफ सपा और बसपा खामोश रहती हैं. सिर्फ प्रियंका गांधी ही आज अल्पसंख्यक समेत सभी कमजोर तबकों के लिए हर मोर्चे पर लड़ती दिख रही हैं। ये बातें आज अल्पसंख्यक कांग्रेस द्वारा आयोजित अल्पसंख्यक वर्ग के डॉक्टरों की वर्चुअल मीटिंग को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रभारी राष्ट्रीय सचिव जुबैर खान ने कही. उन्होंने कोरोना से लड़ने में सरकार से उचित सहयोग न मिलने के बावजूद डॉक्टरों की भूमिका के लिए उनकी प्रशंसा की। अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज आलम ने कहा कि अल्पसंख्यक समाज से आने वाले डॉक्टरों, वकीलों, इंजीनियरों और अन्य पढ़े लिखे लोगों का प्रियंका गांधी के जुझारू नेतृत्व में तेजी से भरोसा बढ़ रहा है. वो देख रहे हैं कि चाहे सीएए - एनआरसी का मुद्दा हो चाहे डॉ कफील की रिहाई के लिए आंदोलन का मामला हो कांग्रेस और प्रियंका गांधी ही लड़ते नजर आते हैं. यहाँ तक कि आजमगढ़ के बिलरियागंज में भी जब एनआरसी के खिलाफ आंदोलन करने वाली महिलाओं पर पुलिस ने गोली और लाठी चलाई तब भी प्रियंका गांधी ही वहाँ गयीं. अखिलेश यादव आजमगढ़ के सांसद होने के बावजूद मुस्लिम महिलाओं को देखने तक नहीं गए. उन्होंने अल्पसंख्यक समाज से आने वाले प्रोफेशनल लोगों के बीच कांग्रेस को मजबूत करने पर जोर दिया. शाहनवाज आलम ने कहा कि प्रदेश का 20 प्रतिशत आबादी वाला मुस्लिम समाज अब समझ चुका है कि अखिलेश यादव की अपनी जाति का वोट बैंक जिसकी आबादी महज 5 प्रतिशत है, सपा के मुस्लिम प्रत्याशी को वोट देने के बजाए भाजपा को वोट देता है. उन्होंने यह भी कहा कि आम मुसलमान समझ गया है कि कैसे रामगोपाल यादव को नोएडा प्राधिकरण घोटाले में बचाने के लिए आजम खान को मुलायम सिंह यादव के कुनबे ने बली का बकरा बनाया है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉक्टर शहजाद आलम ने प्रियंका गांधी द्वारा गरीब तबकों के लिए भेजे गए दवाओं के उचित वितरण में डॉक्टरों से सहयोग की अपील की. वर्चुअल बैठक में लखनऊ जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मेराज वली खान, डॉक्टर इमरान खान, डॉ महफूज अहमद, डॉ अहमद कमाल, डॉ नजीर अब्बास, डॉ अनीस सिद्दीकी, डॉ शकील, डॉ मिर्जा तौक़ीर रजा, डॉ आमिर जमाल, डॉ शरीफ, डॉ इक़बाल हफीज, डॉ साजिद क़मर, डॉ असद मोनिस, डॉ रिजवान, डॉ शमीम फारूक़ी, डॉ ओबैद आदि मौजूद रहे।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सरकारी पद पर कोई भर्ती नहीं होगी केंद्र सरकार ने नोटिस जारी कर दिया

बिहार में स्वतंत्रता आंदोलन : विहंगम दृष्टि

शौंच को गई शिक्षिका की दुष्कर्म के बाद हत्या