छात्र छात्राओं को मिले परीक्षा के तनाव से मुक्ति : डा.संजीव शर्मा

नेमवि के असिस्टेंट प्रोफेसर मनोविज्ञान ने दी जानकारी ललितपुर। वैश्विक महामारी कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को लेकर जहां एक ओर आमजन परेशान है तो वहीं दूसरी ओर घरों में रहकर विभिन्न कक्षाओं की ऑनलाइन व ऑफलाइन शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों में परीक्षाओं को लेकर असमंजस्य की स्थिति बनी हुयी है। कई विद्यार्थियों के मन में यही प्रश्न कौंध रहा है कि परीक्षायें हुईं तो वह कैसे कोरोना संक्रमण के बीच परीक्षाओं की तैयारियों को पूरा कर पायेगा और कैसे वह परीक्षायें दे सकेगा। विद्यार्थियों की इन सभी जिज्ञासाओं को लेकर नेहरू महाविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर मनोविज्ञान डा.संजीव कुमार शर्मा से वार्ता की गयी तो उन्होंने बताया कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण विकराल एवं भयावह रूप धारण कर चुका है। दूसरी तरफ परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति छात्र-छात्राओं में गहरा तनाव एवं निराशा उत्पन्न कर रही है। वर्ष पर्यंत छात्र-छात्राओं पर कोरोना संक्रमण का खतरा मंडराता रहा है। अधिकतर विद्यार्थियों ने ऑनलाइन ही शिक्षा ग्रहण की है जो कि शिक्षा की मात्र एक वैकल्पिक व्यवस्था थी। जैसे तैसे छात्र-छात्राओं ने अपनी परीक्षा की तैयारी पूर्ण की थी। लेकिन अब महामारी के इस विकराल एवं भयानक रूप में सामने आने पर परीक्षाओं के ना होने का खतरा मंडराता नजर आ रहा है। जिसको लेकर छात्र छात्राएं असमंजस की स्थिति में है। जो बच्चों में गहरा तनाव एक अवसाद का प्रमुख कारण बनता नजर आ रहा है। ऐसी परिस्थिति में छात्र-छात्राओं को तनाव मुक्त करने की आवश्यकता है। गत वर्ष की भांति अगर छात्र छात्राओं को प्रमोट कर दिया जाता है तो उससे विद्यार्थियों को शारीरिक एवं मानसिक सुरक्षा मिलेगी। विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से मुक्ति मिलेगी।

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