देश को गोडसे की सोच पर मंथन करना जरूरी-हिन्दू महासभा

लखनऊ। अखिल भारत हिन्दू महासभा, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी ने आज यहां नाथूराम गोडसे की जयन्ती के मौके पर कहा कि देश को नाथूराम गोडसे की सोच पर मंथन करना चाहिए, ताकि देश की जनता समझ सके कि आखिर किस सोच की वजह से गोडसे को गांधी के वध के लिये कदम उठाना पड़ा। गोडसे की जयन्ती पर नमन करते हुये पार्टी के प्रदेष अध्यक्ष श्री त्रिवेदी ने साफ कहा कि देश में गांधी वध के बाद गोडसे को तत्कालीन कांगेस सरकार ने गोडसे को एक हत्यारे के रूप में महिमामंडन करती रही, लेकिन इसके लिये गोडसे ने क्यों कदम उठाया, उस पर चर्चा नहीं की। हालॉकि गांधी हत्या को गलत ठहराते हुये श्री त्रिवेदी ने कहा कि आज के दौर में सोशल प्लेटफार्म के आ जाने से देश की जनता के सामने गांधी हत्या का सच न सिर्फ देश की जनता जान चुकी है, बल्कि इस मामले में कांग्रेस का चरित्र भी सामने आ चुका है। हिन्दू महासभा नेता श्री त्रिवेदी ने कहा कि गोडसे को हत्यारे के रूप में देखने वालों को मालूम होना चाहिए कि नाथूराम गोडसे हमेशा अखण्ड भारत की बात करते रहें है, और जिसका परिणाम सामने है कि उसके इच्छा के अनुरूप आज भी उनकी अस्थियों का कलष पुणे में पुनः अखण्ड भारत और सिंधु नदी भारत के अन्दर प्रवाहित होने का इंतजार कर रही है। श्री त्रिवेदी ने कहा कि गांधी नेहरू के धोखे की वजह से भारत के टुकड़े कर दिये गये और उसके बाद उत्तरी भारत माता को फिर से खण्डित करने की तैयारी हो रही थी कि नाथूराम गोडसे ने गांधी का वध कर भारत का एक और विभाजन होने से रोक लिया।

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