‘इफेक्टिव कम्यूनिकेशन स्किल्स’ से व्यक्तित्व विकास- डॉ. सपना मालवीया

-सुचारु ढंग से विचारों के आदान-प्रदान से ही व्यक्तित्व विकास संभव।
- साक्षात्कार में संप्रेषण की क्षमता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
- विपणन (मार्केटिंग) के लिये भी वाक् कौशल का होना आवश्यक।
जीवन में व्यक्ति का व्यक्तित्व एक अहम भूमिका निभाता है। एक सकारात्मक व्यक्तित्व जीवन में सबको जीत सकता है। वहीं एक नकारात्मक व्यक्तित्व जीवन भर संघर्ष ही करता रह जाता है। व्यक्तित्व प्रभावशाली बने इसके लिये कुछ महत्वपूर्ण लक्षणों पर काम करना आवश्यक होता है। जिनमें ‘कम्यूनिकेशन स्किल’ महती भूमिका निभाता है। एक अच्छा वक्ता सबके मन को भाता है। एक प्रभावशाली वक्ता सबको अपनी ओर आकर्षित कर लेता है। अपनी बात ठीक से रख लेता है। और सबसे अपनी बात मनवा भी लेता है। सुस्पष्ट संप्रेषण मीठे शहद की भाँति सबको अच्छा अनुभव देता है। प्रभावशाली नेतृत्व की क्षमता में संप्रेषण अर्थात् इफेक्टिव कम्यूनिकेशन बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एक प्रभावशाली वक्ता का नेतृत्व सबको पसंद आता है। उत्कृष्ट कम्यूनिकेशन के लिये भाषा पर नियंत्रण, उत्कृष्ट शब्द संयोजन, बोली के पिच पर नियंत्रण आदि तकनीकि रूप से प्रासंगिक होते हैं। बोलचाल की भाषा आसानी से समझने योग्य परंतु समृद्ध होनी चाहिये। भाषा पर नियंत्रण एवं शब्दों का संयोजन कुछ ऐसा होना चाहिये कि श्रोता को प्रभावित किया जा सके। श्रोता से यहाँ तात्पर्य साक्षात्कार लेने वाला, प्रेजेंटेशन सुनने वाला अथवा कोई भी जो आपसे चर्चा कर रहा है; चाहे वह बॉस हो या सबॉर्डिनेट सम्मिलित हैं। यह मान्यता है कि एक प्रभावशाली वक्ता सबको प्रभावित कर सकता है और आसानी से अपना काम निकलवा सकता है। इसको देखते हुए संस्थानों में भी कॉर्पोरेट कम्यूनिकेटर्स की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, जो संस्थान की ओर से प्रवक्ता के रूप में काम करते हैं। यहॉ तक की राजनीतिक दल भी अपनी बात जनता तक पहुँचाने के लिये पार्टी का प्रवक्ता रखते हैं जो पार्टी की छवि को मज़बूत करने किये एवं सरकार या पार्टी की उपलब्धियों से जनता को रूबरू करवाने का काम करते हैं। विभिन्न डिबेट्स में पार्टी की या सरकार का पक्ष रखने का काम प्रभावशाली ढंग से करते हैं। देखा यह गया है कि एक अच्छा वक्ता अद्भुत आत्मविश्वास से भरा होता है क्योंकि उसे पूर्ण विश्वास रहता है कि मैं अपनी बात को या पक्ष को आसानी से सबके समक्ष रख सकता हूँ। यही आत्मविश्वास उसे औरों से अलग करता है।
( ✍️ डॉ. सपना मालवीया, मॉडर्न इंस्टीट्यूट ऑफ़ फ़ार्मास्यूटिकल्स साइंसेज़ में प्रोफ़ेसर एवं विभागाध्यक्ष की भूमिका में कार्यरत हैं)

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सरकारी पद पर कोई भर्ती नहीं होगी केंद्र सरकार ने नोटिस जारी कर दिया

बिहार में स्वतंत्रता आंदोलन : विहंगम दृष्टि

शौंच को गई शिक्षिका की दुष्कर्म के बाद हत्या