31 जुलाई तक चलेगा संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान

डीएम ने जनपद स्तरीय अन्तर्विभागीय बैठक में दिये निर्देश
ललितपुर। आगामी 01 से 31 जुलाई 2021 तक संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान तथा संचारी रोगों एवं दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण एवं कार्यवाही हेतु जिलाधिकारी अन्नावि दिनेशकुमार की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय अन्तर्विभागीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में संचारी रोगों तथा दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण तथा इनका सही उपचार है। अभियान के संचालन के संबंध में मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश दिए थे जिस के क्रम में संचारी रोग नियंत्रण अभियान (01 से 31 जुलाई, 2021) एवं दस्तक अभियान (12 से 25 जुलाई 2021 तक) का द्वितीय चरण प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में चलाते हुए वर्ष 2020 में संचालित की गयी सभी गतिविधियाँ पुन: विस्तृत कार्ययोजना बनाकर संचालित की जाएँगी। अभियान की सफलता हेतु राज्य स्तरीय पाटनर्स की बैठक 10 जून को, राज्य स्तरीय अंतर विभागीय बैठक 15 जून को, राज्य/जनपद/ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण 16 से 19 जून को, ब्लॉक स्तरीय अंतर विभागीय बैठक में 18 जून को हो चुकी हैं। आज जनपद में अभियान की प्रथम अंतर विभागीय बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हो रही है, इसके साथ ही ब्लॉक स्तर पर नोडल अध्यापकों का संवेदीकरण शिक्षा विभाग के ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों द्वारा ब्लाकवार योजना बनाते हुए 22 से 24 जून के मध्य करा लिया जाएगा, स्थानीय निकायों का संवेदीकरण 23 जून को, ब्लॉक स्तरीय ग्राम विकास अधिकारी संवेदीकरण 25 से 26 जून को कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनपद के समय अधिकारीगण अभियान की सफलता हेतु जनपद एवं ब्लाक स्तरीय माइक्रो प्लान 28 जून तक उपलब्ध करा दें। अभियान की द्वितीय अंतर विभागीय बैठक 29 जून 2021 को जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में आहूत की जाएगी। उन्होंने बताया कि दस्तक अभियान के संचालन हेतु ब्लॉक स्तरीय माइक्रो प्लान 30 जून तक उपलब्ध कराए जाएंगे, साथ ही ब्लॉक स्तर चिकित्सालय पर आशा, एएनएम एवं आंगनवाडी कार्यकत्रियों का संवेदीकरण 1 जुलाई से 8 जुलाई के मध्य पूर्ण कराया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि अभियान की सफलता हेतु ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए, साथ ही यहां पर किसी भी हालत में जलभराव की स्थिति न होने दें। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए साथी चिकनगुनिया एवं डेंगू जैसे रोगों से बचाव के निर्देशों की वॉल पेंटिंग भी कराई जाए। जनपद में दिनांक 22 से 26 जून तक नोडल अध्यापकों की ट्रेनिंग कराई जाए जिससे वे अपने विद्यालय में संचारी रोगों से बचाव के लिए बच्चों को प्रशिक्षित करें। साथी आशा एवं एएनएम के प्रशिक्षण में इस बात को अवश्य बताया जाए कि बुखार होने पर 102 बा 108 एंबुलेंस की सहायता ले। बैठक में जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी लोग अपने विभाग से संबंधित माइक्रो प्लान 28 जून तक अनिवार्यत: उपलब्ध करा दें। नोडल अध्यापकों, आशा, एएनएम तथा आंगनवाड़ी की ट्रेनिंग ठीक ढंग से कराई जाए। इस अभियान में अध्यापकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अभियान में आशा एवं आंगनवाड़ी कार्य भर्ती को आप अस्पताल में बैठा कर अभियान को सफल बनाना है यदि आशा एवं आंगनवाड़ी के तालमेल के अभाव में अभियान असफल रहा था आशा एवं आंगनवाड़ी दोनों पर कार्रवाई की जाएगी। अधिशासी अधिकारी नगरपालिका तथा जिला पंचायतीराज अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में नालियों की नियमित सफाई की निगरानी करें तथा सडक़ों के किनारे उगी झाडिय़ों की कटाई सुनिश्चित करायें। सभी हैण्डपम्प चालू हालत में हों, खराब हैण्डपम्पों की मरम्मत कर ली जाये तथा हैण्डपम्प के आस-पास जलभराव नहीं होना चाहिए। सडक़ों पर सुअरों तथा अन्य पशुओं के विचरण पर रोक लगाई जाए। स्कूली बच्चों को सुरक्षित पीने का पानी, शौचालयों के प्रयोग, साबुन से हाथ धोने जैसी अच्छी आदतों को बढ़ावा देने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया गया। इसके अलावा कृषि विभाग यह सुनिश्चित करे कि वह किसानों को चूहे के नियंत्रण तथा सिंचाई के वैकल्पिक उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार करे। उद्यान विभाग सार्वजनिक पार्कों तथा विद्यालयों में मच्छरों को भगाने वाले पौधों का रोपण करायें। उन्होंने कहा कि उपरोक्त सभी कार्यों में कोई भी शिथिलता नहीं बरती जाये तथा सभी विभाग स्वयं अपनी गतिविधियों की मॉनीटरिंग सुनिश्चित करें। बैठक में सम्बंधित अधिकारियों सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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