हेलो! आपकी तबियत तो ठीक है न?

ललितपुर। हेलो- अभी आपकी सेहत कैसी है? सांस की कसरत तो कर रहे है आप ? मरीज -आपके बताये हुए आहार चार्ट से शारीरिक कमजोरी में सुधर हुआ है, साथ ही बताई हुई ब्रीथिंग एक्सरसाइज से अब ऑक्सीजन लेवल सामान्य है। यह कहना है 54 कमला कुमारी का जो (बदला हुआ नाम) 12 अप्रैल कोविड पॉजिटिव हुई थी, और 22 अप्रैल के आसपास संक्रमण से ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो गई थी। वह बताती हैं उनका सीटी स्कैन स्कोर 17/25 था जिसे चिकित्सक गंभीर मानते हैं। अभी संक्रमण से मुक्ति मिल गई है लेकिन अभी भी उन्हें शारीरिक कमजोरी रहती है और कई बार चिडचिड़ापन होता है। वह बताती हैं कि जिला अस्पताल द्वारा समय समय पर उन्हें फोन और एक्सरसाइज के विडियो के आते हैं और सेहत का हाल चाल लिया जाता है। इस तरह की काउंसिलिंग से उन्हें बहुत मदद मिली है। इस तरह फोन करके कोरोना संक्रमण से मुक्ति पा चुके मरीजों का हाल जिला अस्पताल में फोन के द्वारा लिया जा रहा है। उन्हें कसरत के विडियो भेजे जा रहे हैं साथ ही व्हाट्सएप ग्रुप बना कर उनकी काउंसिलिंग भी करी जा रही है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला चिकित्सालय महिला और पुरुष डॉ. हरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि उनके निर्देशन में जिला चिकित्सालय के फिजियोथैरेपिस्ट डॉक्टर ऋजु दुबे पाठक व काउंसलर रश्मि श्रीवास्तव द्वारा भर्ती, डिस्चार्ज होम आइसोलेशन, कोविड, नॉन कोविड  मरीजों का फोन पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर वीडियो आदि की मदद से इलाज किया जा रहा है अच्छी बात यह है कि मरीजों व उनके तीमारदारों का भी पूर्ण सहयोग मिल रहा है मरीज घर बैठे अपनी समस्याएं बताकर समाधान भी पा रहे हैं नियमित रूप से मरीजों की मानसिक स्थिति, जीवन शैली और सकारात्मकता में भी सुधार हुआ है। कई मरीज जिनकी 90-91 थी आज नियमित व्यायाम, खानपान सही जीवन शैली व रखरखाव से 97-98 है अभी तक रजिस्टर्ड 75 संख्या से से ऊपर मरीज इस ग्रुप में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मरीज अपने आसपास संपर्क में आने वाले व्यक्तियों को मिल रही सुविधाओं के बारे में भी बताएं जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग लाभान्वित हो सकें। काउंसलर रश्मि श्रीवास्तव काउंसलर का कहना है कि आज के समय में जो मरीज अस्पताल आने में डर रहे हैं या किसी अपने को खो चुके हैं ऐसे मरीजों के परिजन की मानसिक बीमारियों की चपेट में आने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे मरीजों को मानसिक तनाव दूर करने के उपाय, स्वयं को व्यस्त रखने के तरीके, नकारात्मकता से बचने के तरीके फोन पर समझाया जा रहे हैं। इसके साथ साथ वह मरीज जो भर्ती है या डिस्चार्ज हो गये हैं उनको साफ सफाई, रखरखाव ,सही जीवन शैली ,आहार चार्ट के माध्यम से खानपान संबंधी परामर्श दिए जा रहे हैं। जिससे उनकी प्रतिरोधक क्षमता ऑक्सीजन स्तर प्रगतिशील रहे साथ में मरीजों को दवा सही समय पर लेने और डॉक्टरी परामर्श से ही दवा बंद करने  के लिए बताते हैं। जिला चिकित्सालय पुरुष में तैनात फिजियोथेरेपिस्ट डॉक्टर ऋजु दुबे ने बताया कोरोना संक्रमण के बाद हलकी फुलकी एक्सरसाइज करने को कहा जाता है। दूसरी लहर में कोरोना संक्रमण ने फेंफड़ों को बहुत प्रभावित किया है इसलिए मरीज को वह ब्रीथिंग एक्सरसाइज करने कि सलाह देते हैं। वह बताती हैं पोस्ट कोविड मरीजों के लिए बनाये व्हाट्सएप ग्रुप में वह एक्सरसाइज के विडियो शेयर करती हैं जिससे संक्रमण के बाद शरीर में स्फूर्ति और प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो। प्रत्येक मरीज को उनकी क्षमता अनुसार फिजियोथैरेपी की मदद से ब्रीदिंग एक्सरसाइज, बैठने, लेटने के तरीके, पेट के बल लेटना या प्रोनिंग से छाती में जमा कफ बाहर निकालने में मदद मिलती है। लंबे समय तक भर्ती रहने के कारण कमर में अकडऩ व मांसपेशियों की कमजोरी आदि को दूर करने के लिए फिजियोथैरेपी के द्वारा व्यायाम बताये जा रहे हैं। जिला अस्पताल में भी फिजियोथैरेपी कि सुविधा है जहाँ बिना कोरोना मरीजों का भी उपचार किया जा रहा है।

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