उत्तर प्रदेश में ब्लाक पंचायत चुनावों में सरकारी मशीनरी से ब्लाक प्रमुख पदों पर जबरन कब्जा किया जाना जनादेश का अपमान है-अखिलेश यादव

लखनऊ, दिनांक-10.07.2021 समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में ब्लाक पंचायत चुनावों में सरकारी मशीनरी से ब्लाक प्रमुख पदों पर जबरन कब्जा किया जाना जनादेश का अपमान है। लोकतंत्र और संविधान में भाजपा सरकार की कोई आस्था नहीं है। सत्ता के सहयोग से भाजपा ने अपने पक्ष में मतदान कराया। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में ब्लाक प्रमुख प्रत्याशियों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों का खुलेआम अपहरण किया जा रहा है। चुनाव में हो रही धांधली का विरोध करने पर उत्पीड़न हो रहा है। सभी कागज पूरा होने के बाद भी मतदान से वंचित करते हुए धमकी दी गयी। बस्ती समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष के घर छापा मारा गया। उन्नाव में सीडीओ ने पत्रकारों को बेरहमी से पीटा। इटावा में पुलिस के अधिकारी को भाजपाईयों ने ही पीट दिया। संतकबीरनगर में अंत्येष्टि के लिए अपने पिता का शव ले जा रहे क्षेत्र पंचायत सदस्य का अपहरण कर लिया गया। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में उत्तर प्रदेश को भाजपा ने युद्धभूमि में तब्दील कर दिया। यूपी की साख को खराब करने की जिम्मेदार भाजपा सरकार है। प्रतापगढ़ के विकासखण्ड आसपुर-देवसरा, गोरखपुर के बेलाघाट, हमीरपुर के विकासखण्ड थरूआ सुमेरपुर, शाहजहांपुर के तिलहर ब्लाक, कौशाम्बी के विकासखण्ड मंझनपुर, चित्रकूट के ब्लाक कर्वी, मानिकपुर व पहाड़ी, कानपुर के विकासखण्ड भीतरगांव, उन्नाव, सिद्धार्थनगर, औरैया, अमरोहा के जोया ब्लाक, चंदौली, मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना, बाराबंकी के मसौली ब्लाक, फिरोजाबाद, अयोध्या, बहराइच, अलीगढ़, सहारनपुर, जौनपुर में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों एवं उनके समर्थकों का पुलिसिया उत्पीड़न हुआ है। औरैया में जिलाधिकारी द्वारा वोटरों के साथ बलपूर्वक हेल्पर बनाकर चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित किया गया है। बलिया में भाजपा विधायक के समर्थकों की गुण्डागर्दी से जनता में रोष व्याप्त है। जहां एक ओर समाजवादी पार्टी प्रत्याशी के समर्थक क्षेत्र पंचायत सदस्यों को निर्वाचन प्रमाण-पत्र एवं मतदान के लिए पहचान पत्र होने के बाद भी वोट नहीं देने दिया जा रहा है वहीं दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी को गलत तरीके से फर्जी आई.डी. से मतदान कराया गया है। उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशासन के अधिकारी सरकार के दरबारी की भूमिका निभाते रहे हैं और सत्ता के इशारे पर जबरन सहायक लगाये गये। राज्य निर्वाचन आयुक्त उत्तर प्रदेश को समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमण्डल द्वारा दिए गए ज्ञापन एवं राज्य के विभिन्न ब्लाकों में हो रही धांधली की शिकायत करने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र को भाजपा ने बंधक बनाया है। जनता भाजपाइयों की अराजकता एवं हिंसा से त्रस्त है। जिसका जवाब 2022 में जनता वोट के माध्यम से भाजपा की सŸाा से विदाई कर देगी।

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