पूर्व सीएम के पोते और परपोते पर दर्ज मुकदमा वापस हो अन्यथा होगा आंदोलन- - रौशन सिंह "चंदन

लखनऊ।3 जुलाई। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री पं. कमलापति त्रिपाठी के पोते पूर्व एम एल सी पंडित राजेश पति त्रिपाठी और परपोते पूर्व विधायक पंडित ललितेश पति त्रिपाठी के खिलाफ मिर्जापुर में मुकदमा दर्ज होने के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी सूचना धिकार विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष रौशन सिंह चंदन प्रदेश सरकार के खिलाफ हमलावर हैं। कांग्रेस नेता ने इस मामले को राजनीतिक विद्वेष की कार्रवाई बताया है। उन्होंने कहा कि ‘भाजपा में शामिल हो जाओ, नहीं तो दमन एवं उत्पीड़न की कार्रवाई सहने के लिये तैयार रहो” की रणनीति से भाजपा ने कुछ लोगों को जरूर तोड़ा है, लेकिन पूर्व सीएम त्रिपाठी परिवार को प्रलोभन या उत्पीड़न दोनों नहीं डिगा सकते। उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार से जनमत के साथ ही ब्राह्मण समाज की चल रही नाराजगी की पृष्ठभूमि में भाजपा नामी ब्राह्मण नेताओं को पार्टी में शामिल कराकर चुनाव पूर्व एक राजनीतिक संदेश देने की रणनीति पर इन दिनों काम कर रही है, पर सत्ता दुरुपयोग के ऐसे हथकंडे त्रिपाठी परिवार पर असर डालने वाले नहीं हैं। कहा कि सोनभद्र के उंभा कांड पर कांग्रेस के आंदोलन और प्रियंका गांधी को लाकर उसे उत्तेजित करने की ललितेशपति त्रिपाठी की भूमिका के बाद से नाराज योगी सरकार उसी राजनीतिक मंसूबे एवं विद्वेष से ऐसी रणनीति पर काम कर रही है। सारे तथ्यों को दरकिनार रख उनकी कथित जांच समिति की रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई न करने की हाईकोर्ट में वचनबद्धता के बावजूद चुनावी रणनीति की हड़बड़ी के तहत एफआईआर दर्ज कराकर राजनीतिक भयादोहन की रणनीति सफल नहीं होगी। रौशन सिंह ने कहा कि सरकार राजनीतिक साजिश के तहत विद्वेष की भावना से पूर्व मपुख्यमंत्री के परिजनों को फंसाने का प्रयास कर रही है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर ब्राह्मणों को निशाना बनाकर उन्हें प्रताड़ित व अपमानित करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस का सिपाही इस तरह के दमनात्मक कार्रवाई का हर स्तर पर पुरजोर विरोध करेगा। सरकार के षड़यंत्र का पर्दाफाश करने से कभी पीछे नहीं हटेंगे।

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