पर्यटन मंत्री ने मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के अन्तर्गत किये जा रहे कार्यों की वर्चुअल समीक्षा की



प्रदेश के  प्रत्येक जनपद में महत्वपूर्ण धार्मिक, आध्यात्मिक, प्राचीन, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक स्थल दूर-दूर तक फैले हुए हैं


प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र में एक उच्च स्तरीय पर्यटन स्थल विकसित करने की योजना



पर्यटन की योजनाओं से लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा, जिससे उनके आर्थिक एवं सामाजिक स्तर का उन्नयन होगा
-डॉ0 नीलकंठ तिवारी



लखनऊः  13 अगस्त, 2021

प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य, प्रोटोकाल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ0 नीलकंठ तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा प्रदेश के प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना अन्तर्गत एक सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थल का चयन कर उसे उच्च स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस योजना में प्रत्येक विधान सभा के विकास हेतु रू0 50.00 लाख की धनराशि पर्यटन विभाग द्वारा वहन की जाएगी एवं अतिरिक्त आवश्यकता हेतु धनराशि का वहन विधायक निधि/सी0एस0आर0 फण्ड आदि से किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2021-22 में रू0 8943.31 करोड़ की लागत से कुल 373 विधानसभाओं के पर्यटन स्थलों के विकास हेतु स्वीकृत किया जा चुका है।
पर्यटन मंत्री डॉ0 नीलकंठ तिवारी आज पर्यटन निदेशालय में मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्द्धन योजना के अन्तर्गत किये जा रहे कार्यों की वर्चुअल समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने सभी कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता पर विशेष बल दिए जाने हेतु सख्त निर्देश प्रदान किए जाने के साथ-साथ एक मापदण्ड निर्धारित किए जाने हेतु भी निर्देशित किया। उन्होंने क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारियों को यह आदेश दिए कि समय-समय पर योजनाओं की प्रगति का निरीक्षण किया जाए तथा अपने-अपने क्षेत्र में कराये जा रहें कार्यों की प्रगति रिपोर्ट महानिदेशक पर्यटन को उपलब्ध कराएं।
पर्यटन मंत्री डॉ0 तिवारी ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों को कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र में पर्यटन विकास एवं सवंर्धन की भावना को जागृत करने हेतु चिन्हित पसंदीदा पर्यटक स्थल पर पर्यटन सेवा प्रदाताओं को आकर्षित करना, जिससे पर्यटन स्थलों पर प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित किया जाना सम्भव हो सकें। उन्होंने कहा कि चयनित पर्यटक स्थल पर मूलभूत सुविधाओं का उच्चीकरण किए जाने से स्थानीय एवं घरेलू पर्यटकों के आवागमन में निरन्तर वृद्धि हो सकेगी तथा पर्यटक/श्रृद्धालु प्रदेश के जनपदों में स्थित पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण स्थलों जिनका चिन्हांकन उनके धार्मिक, सांस्कृतिक, पौराणिक होने के आधार पर किया जा रहा है, के भ्रमण हेतु प्रेरित होगें।
बैठक में डॉ0 नीलकंठ तिवारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश विपुल सम्भावनाओं का प्रदेश है। यहाँ पर स्थित विश्व प्रसिद्ध स्मारक, प्राचीनकाल के शिलालेख, पेन्टिंग्स, पौराणिक महत्व के तीर्थ स्थल, प्राकृतिक सम्पदाएं, व्यजंन तथा हस्तशिल्प पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते है। उत्तर प्रदेश के लगभग प्रत्येक जनपद में महत्वपूर्ण धार्मिक, आध्यात्मिक, प्राचीन, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक स्थल दूर-दूर तक फैले हुए हैं। इन विविध आकर्षणों को विश्व पटल पर अंकित करने एवं पर्यटन स्थलों के सतत् विकास एवं संवर्धन हेतु प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र के पर्यटन विकास हेतु एक विशिष्ट क्षेत्र का विकास करने एवं उसे उच्च स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर कराये जा रहे कार्यों के फलस्वरूप देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को स्तरीय पर्यटक सुविधायें प्राप्त हो सकंेगी और उनका पर्यटन-अनुभव बेहतर हो सकेगा। इसके साथ ही साथ इन योजनाओं से लाखों लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा उनके आर्थिक एवं सामाजिक स्तर का उन्नयन होगा।
समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव/महानिदेशक पर्यटन श्री मुकेश मेश्राम, विशेष सचिव पर्यटन श्री मनोज कुमार और प्रबंध निदेशक उ0प्र0 राज्य पर्यटन विकास नि0 श्री शिवपाल सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।



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