फिर से मुस्कुराया शिवांश

दूसरी लहर के बाद 10 बच्चों का हुआ ऑपरेशन
ललितपुर। कोरोना मरीजों में कमी आते ही फिर से सभी कार्यक्रम धीरे धीरे पटरी पर लौटने लगा है। कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए घोषित लॉकडाउन के दौरान आरबीएसके के तहत इलाज प्रभावित हुआ था लेकिन धीरे धीरे सर्जरी और इलाज शुरू हो गया है। इस दौरान आरबीएसके की टीम कोविड वारियर्स के रूप में कार्य कर रही थी। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.जीपी शुक्ला ने दी। वह बताते हैं कि समस्त आरबीएसके टीमें कोविड और टीकाकरण कार्यो के अतिरिक्त अपने कार्यक्रम का कार्य भी सुचारु रूप से शुरू कर दिया है। वर्तमान में स्कूल और आंगनबाड़ी केन्द्र बंद होने से बच्चों कि स्क्रीनिंग नहीं हो रही है। अत: अभी पुराने केसों का फॉलो अप करके बच्चों की सर्जरी कारवाई जा रही है। डीआईईसी मैनेजर डा.सुखदेव बताते हैं अब तक राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम जिले में 2013 से संचालित है, इसके अंतर्गत अब तक 639 बच्चों की सर्जरी हो चुकी है, और इस वर्ष 6 अन्य बच्चों की क्लेफ्ट लिप (कटे होंठ ) की सर्जरी, 2 क्लब फुट और एक कॉनजेनाइल हार्ट डिसीज की सर्जरी हो चुकी है। 2 वर्षीय शिवांश पैदाइश से ही कटा हुआ होठ था, मडावरा ब्लाक निवासी उसके पिता बताते हैं जब पहली बार शिवांश को देखा तो समझ नहीं आ रहा था कि बच्चे की पैदाइश की खुशी मनाऊं या कटे हुए होठ देख कर दुखी हो जाऊं। वह बताते हैं कि समाज में अक्सर इस तरह के बच्चे को अभिशाप के रूप में देखते है, अक्सर लोग ऐसे कटे होठ वाले चेहरे को कुरूप भी कहते हैं। वह बताते हैं कि दिसम्बर में अखबार में उन्होंने ऐसे ही कटे हुए होठों के मुफ्त इलाज के बारे में पढ़ा था, इसके बाद उन्होंने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में संपर्क किया। वहां बताया गया कि कटे हुए होठ का इलाज होता है और वह भी बिना किसी शुल्क के, अभी शिवांश के ऑपरेशन को एक महीना हो चुका है और एक दम स्वास्थ्य है। नोडल अधिकारी डा.अजय भाले ने बताया कि कटे होठ जन्मजात बीमारी है। यह गर्भवस्था के शुरुवाती 3 महीनों में होता है। उन्होंने बताया कि पहले होंठ बनते हैं फिर तालू और मूंह इसी दौरान टिश्यू और सैल सही से नहीं बन पाने पर कटे होंठ या तालू की स्थिति पैदा होती है। कटे होठों का मुख्य कारण अनुवांशिक होता है। लेकिन निम्निलिखित स्थिति में भी बच्चे के कटे होंठ होने के चांस बढ़ जाते हैं। जिसमें तम्बाकू ड्रग और शराब का सेवन गर्भावस्था के दौरान करने पर, परिवार में किसी के कटे होठ होना, माँ को डायबिटीज होना, गर्भावस्था के मोटापे का शिकार होना, फोलिक एसिड की कमी शामिल हैं। गर्भावस्था के समय क्या करें फोलिक एसिड को संतुलित मात्रा में लेना, सभी तरह के टीकों से खुद को और होने वाले बच्चे को प्रतिरक्षित करना, शराब ड्रग और तम्बाकू का सेवन नहीं करना, गर्भवस्था के समय संतुलित वजन रखना इत्यादि शामिल हैं।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

हिन्दी में प्रयोग हो रहे किन - कौन किस भाषा के शब्द

बिहार में स्वतंत्रता आंदोलन : विहंगम दृष्टि

हत्या का पुलिस ने कुछ ही घंटों मे किया खुलासा