मुजफ्फरनगर में सुरक्षा का कड़ा इंतजाम, दो सुपर जोन और छह जोन में बंटा जिला.



पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में रविवार को होने वाली किसान महापंचायत को लेकर मेरठ पुलिस ने भी कमर कस ली है। मेरठ पुलिस ने सुरक्षा का कड़ा इंतजाम किया हैं। जिले के बॉर्डर को दो सुपर जोन और छह जोन में बांट दिया है और पुलिस बल आज से तैनात कर दिया गया है। मेरठ से मुजफ्फरनगर भी पुलिस बल भेजा गया है।


मेरठ एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि जनपद को दो सुपर जोन में बांटा है, जिनकी मॉनिटरिंग एसपी देहात और एसपी सिटी करेंगे।किसानों का आवागमन को देखते हुए एसपी देेहात जिले के बॉर्डर पर सरधना, मवाना, किठौर और सीओ सदर देहात के साथ मिलकर तैनात रहेंगे। वहीं एसपी सिटी सीओ ब्रह्मपुरी और सीओ दौराला के साथ बॉर्डर पर मुस्तैद रहेंगे। कुल छह सीओ पर जिम्मेदारी रहेगी।


इनके अलावा 14 इंस्पेक्टर, 35 दरोगा, 31 महिला कांस्टेबल, 30 ट्रैफिक पुलिसकर्मी, 30 होमगार्ड, 133 कांस्टेबल और एक कंपनी पीएसी तैनात रहेगी। शनिवार रात से ही ड्यूटी निर्धारित की है। मेरठ से एसपी क्राइम और सीओ दौराला, 9 इंस्पेक्टर, 30 दरोगा व 150 कांस्टेबल की ड्यूटी मुजफ्फरनगर में लगी है। शनिवार को रवानगी कर गयी है। 


एडीजी मेरठ जोन राजीव सभरवाल ने बताया है कि मुजफ्फरनगर किसान महापंचायत के लिए 20 सीओ, एक डीआईजी, सात एसपी (शामली, सहारनपुर, बागपत भी शामिल), आठ कंपनी पीएसी और दो कंपनी आरएएफ को अतिरिक्त लगाया गया है।


आपको बता दें कि मुजफ्फरनगर में होने वाली किसान महापंचायत के लिए किसानों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। किसान महापंचायत में जाने के लिए वाहन और खाने-पीने के लिए चंदा इकठ्ठा कर रहे हैं।ये पहली बार दिख रहा  है कि वे न तो किसान संगठनों से मदद ले रहे हैं और न राजनीतिक दलों से। संयुक्त किसान मोर्चा ने मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान में रविवार को किसान महापंचायत आहूत की है इस किसान महापंचायत को धर्मयुद्ध का नाम दिया जा रहा है। सत्ताधारी भाजपा जहां महापंचायत पर टकटकी लगाए हुए है तो वहीं विपक्षी पार्टी भी भीड़ जुटाने के लिए पूरी भागदौड़ कर रही हैं। 


मुजफ्फरनगर में कल होने वाली किसान महापंचायत के लिए रालोद ने ऐड़ी से लेकर चोटी तक पूरी ताकत लगा दी है। रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में किसान महापंचायत में शामिल हों। सिवालखास, सरधना, किठौर, हस्तिनापुर विधानसभा में हालात ये हैं कि लोग अपने जाने और खाने की व्यवस्था भी खुद कर रहे हैं। संगठन महामंत्री डॉ. राजकुमार सांगवान ने बताया कि गांव-गांव जाकर युवाओं की टोलियां चंदा एकत्र कर बसों की व्यवस्था कर रही हैं।


प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव-गांव से खाने का इंतजाम किया जा रहा है। गांवों में लोग कह रहे हैं कि हम खुद अपनी बसों से जाएंगे। खाना भी खुद बनवाकर ले जाएंगे।मेरठ से भारी संख्या में किसानों के शामिल होने की संभावना है। वहीं, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, शामली, सहारनपुर और बिजनौर आदि जिलों के कार्यकर्ताओं को शनिवार शाम को ही महापंचायत में पहुंचने को कहा गया था, ताकि वे खाने और महापंचायत की पूरी व्यवस्था पर ध्यान दें। जयंत चौधरी ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आसपास जिलों के कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ पहुंचें, ताकि किसान विरोधी सरकार को जवाब मिल सके।

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