आयुष चिकित्सालय निर्माण के गुणवत्ता में मिली कमियां

 






मण्डलायुक्त ने जतायी नाराजगी, दिये आवश्यक सुधार के निर्देश

ललितपुर। सम्पूर्ण समाधान दिवस में जनसमस्याएं सुनने के उपरान्त मण्डलायुक्त/प्रभारी अधिकारी अजय शंकर पाण्डेय ने निर्माणाधीन आयुष चिकित्सालय दैलवारा का निरीक्षण किया। यहां पर मुख्य विकास अधिकारी ने अवगत कराया कि इस भवन की लागत लगभग 07 करोड़ रु0 है, जिसका निर्माण कार्यदायी संस्था पैक्सफैड द्वारा बनाया जा रहा है। निरीक्षण में समस्त कक्षों व परिसर को देखने पर पाया गया कि कि फिनिशिंक का कार्य संतोषजनक नहीं है, परिसर में पोटास्टोन टाइल व्यवस्थित रुप से नहीं लगाये गए हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए मण्डलायुक्त ने निर्देश दिये कि सभी कमियों को आपूर्ति से पूर्व ही दुरुस्त करायें, यदि अस्पताल में पानी की आपूर्ति न हो तो ईमारत को हस्तांतरित नहीं होनी चाहिए। ईमारत के निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता न करें। इसके उपरान्त मण्डलायुक्त निर्माणाधीन राजकीय महाविद्यालय जखौरा का निरीक्षण किया गया। यहां पर बताया गया कि यह ईमारत कार्यदायी संस्था यू.पी.सिडको द्वारा बनायी जा रही है। मौके पर निरीक्षण में समस्त कक्षों व परिसर को देखने पर पाया गया कि यहां पर पानी की आपूर्ति पाइनलाइन द्वारा की जा रही है, भवन में खिड़कियों की चौखटें व्यवस्थित रुप से नहीं लगी हैं। इस पर मण्डलायुक्त ने निर्देश दिये कि ईमारत में निर्मित 4 लैब का निरीक्षण चिकित्सा शिक्षा विभाग के उच्च स्तरीय अधिकारियों से कराकर रिपोर्ट उपलब्ध करायें, जिससे विद्यार्थियों को कोई असुविधा न हो। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मण्डलायुक्त ने मुख्य रुप से यह निर्देश दिये कि उक्त दोनों निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता की जांच मण्डल स्तरीय तकनीकि टीम द्वारा करायी जाये। मौके पर ग्रामवासियों ने मण्डलायुक्त के समक्ष शिकायत की कि ग्राम में वृहद स्तर पर अवैध शराब बेची जाती है। इस पर मण्डलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला आबकारी अधिकारी एवं थानाध्यक्ष को निर्देश दिये कि इस क्षेत्र में मुनादी कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करें। साथ ही जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के माध्यम से एक सप्ताह के भीतर इस बात का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें कि अब इस क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री नहीं होती है। इस दौरान जिलाधिकारी अन्नावि दिनेशकुमार, मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार पाण्डेय, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि व अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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