डेंगू बीमारी को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठायें अधिकारी : डीएम

 



नोडल अधिकारी के चार दिवसीय भ्रमण से पूर्व जिलाधिकारी ने लिया तैयारियों का जायजा

अधिकारियों के कसे पेंच, साथ ही लापरवाही करने वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब

ललितपुर। डेंगू आउटब्रेेक/स्क्रब टाइफस के प्रभाव के चलते शासन ने सतर्कता बरतते हुए जनपदों में नोडल अधिकारियों को 04 दिवसीय भ्रमण कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने व उचित प्रबंधन कर डेंगू के प्रवाभी नियंत्रण के दिशा-निर्देश जारी किये हैं, जिसके मद्देनजर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, नगर विकास विभाग, चिकित्सा शिक्षा, पंचायती राज विभाग जैसे कई विभागों पर डेंगू आउटब्रेेक/स्क्रब टाइफस के प्रभावी नियंत्रण की जिम्मेदारी होगी।

जिलाधिकारी अन्नावि दिनेशकुमार ने नोडल अधिकारी के 04 दिवसीय जनपद भ्रमण कार्यक्रम से पूर्व निर्धारित बिंदुओं पर समीक्षा बैठक करते हुए सभी विभागों के अधिकारियों को हर स्थिति के लिए तैयार रहने तथा लापरवाही करने वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करते पूर्ण सूचनाओं के साथ बैठक में प्रतिभाग करने के निर्देश दिये। बैठक में सर्वप्रथम चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा की गई, जिसमें मुख्य चिक्त्सिा अधिकारी ने बताया कि जनपद में डेंगू आउटब्रेेक/स्क्रब टाइफस के प्रभावी नियंत्रण हेतु ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में सोर्स रिडक्शन गतिविधियां नियमित रुप से चलायी जा रही हैं। जनपद के यदि किसी क्षेत्र में डेंगू का रोगी पाया जाता है तो डेंगू से प्रभावित पूरे ग्राम, क्षेत्र/मोहल्ले में टीम भेजकर जल संग्रहित सभी पात्रों को खाली कराते हुए प्रजनन स्रोतों को समाप्त करने का कार्य किया जाएगा। इस पर जिलाधिकारी महोदय ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिये कि जिला चिकित्सालय सहित जनपद के किसी भी स्वास्थ्य इकाई पर आने वाले मरीजों का गहनतापूवर्क स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। चिकित्सा शिक्षा की समीक्षा के दौरान बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक विद्यालय में नियमित रुप से साफ-सफाई एवं पेड़ों से टूटे हुए फूल पत्तियों का निस्तारण समय से किया जाता है। साथ ही जल भराव को भी पूर्ण रुप से नियंत्रित करने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय में सफाईकर्मी द्वारा नियमित रुप से साफ-सफाई का कार्य नहीं किया जाता है, जिससे स्वच्छता कार्य बाधित होता है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि जिन विद्यालयों में सफाई कर्मियों द्वारा स्वच्छता कार्य में लापरवाही की जा रही है उन सफाई कर्मियों की सूची बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी को उपलब्ध करायें, साथ ही जिला पंचायत राज अधिकारी ऐसे सफाई कर्मियों पर कठोर कार्यवाही करें। राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 को निर्देश दिये कि जनपद में प्राकृतिक आपदा से ग्रसित लोगों को समय से आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध करायें। पंचायती राज विभाग की समीक्षा के दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था हेतु नियमित रुप से एण्टी लार्वा स्प्रे तथा फॉगिंग का कार्य किया जाता है। जल जमाव की स्थिति होने पर उसका प्राथमिकता के साथ निस्तारण कराया जाता है। आबादी वाले क्षेत्रों में झाडिय़ों की नियमित रुप से साफ-सफाई करायी जाती है, साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल व्यवस्था हेतु सभी कार्य समय से पूर्ण किये जाते हैं, इस पर जिलाधिकारी महोदय ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिये कि गांव में किसी भी स्थान पर जल भराव न होने दें। साफ-सफाई प्रतिदिन करायें। साथ ही ग्रामीणों को अपने आसपास का क्षेत्र साफ सुथरा रखने हेतु जागरुक करें। नगर विकास विभाग की समीक्षा के दौरान ईओ ने बताया कि नगर निकाय के सभी 26 वार्डों में नियमित रुप से साफ-सफाई का कार्य नगर पालिका द्वारा किया जाता है। इस कार्य की निगरानी दो शंटिंग निरीक्षक द्वारा की जाती है। इसके साथ ही  नगर पालिका एवं तीनों नगर पंचायतों में प्रतिदिन डोर टू डोर कचरा एकत्र करने का कार्य भी नगर पालिका विभाग द्वारा किया जाता है। इस एकत्र हुये कचरे को निस्तारण हेतु डम्प यार्ड में स्टोर किया जाता है। इस पर जिलाधिकारी ने ईओ को निर्देश दिये कि प्रत्येक वार्ड में जल भराव क्षेत्रों को चिन्हांकित कर एण्टी लार्वा छिडक़ाव, ब्लीचिंग पाउडर, मेलथियान डस्ट इत्यादि के छिडक़ाव में तैनात अधिकारी/कर्मचारियों की सूची उपलब्ध करायें। जिलाधिकारी ने अधि.अभियंता जल संस्थान को निर्देश दिये कि जनपद में शुद्ध पेयजल व्यवस्था आपूर्ति हेतु जिन स्थानों पर जल संस्थान द्वारा बिछाई गई पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई हैं, उनकी सूची उपलब्ध करायें। जनपद में डेंगू के प्रभाव को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, नगर पालिका, पंचायती विभाग सहित अन्य सम्बंधित विभाग अपने -अपने दायित्वों की पूर्ति गंभीरतापूर्वक करे। उन्होंने समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि बैठक से पूर्व सभी अधिकारी अपने-अपने विभागों के समस्त बिंदुओं की भली प्रकार तैयारी करने के उपरान्त ही बैठक में उपस्थित हों। सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधि0 अभि0 सिंचाई को निर्देश दिये कि नहरों में सिल्ट सफाई एवं रोस्टर के अनुसार टेल तक पानी पहुंचाने का कार्य शीघ्रता से पूर्ण करें, जिससे किसानों को कृषि कार्य में कोई असुविधा न हो। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा अभिहीत अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन एवं बांट माप अधिकारी के अनुपस्थित रहने एवं वीएचएसएनडी में जनपद की प्रगति संतोषजनक न पाये जाने पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (महिला) का स्पष्टीकरण तलब किया। बैठक में जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। 

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