साइबर क्राइम से बचने के लिए रहें अपडेट : डीएम



नेहरू महाविद्यालय में साइबर जागरूकता दिवस का हुआ आयोजन
ललितपुर। पुलिस उप महानिरीक्षक झांसी परिक्षेत्र जोगेन्दर कुमार के आदेश
पर प्रत्येक बुधवार को साइबर जागरूकता दिवस मनाया जाना है। इसी क्रम में
जिलाधिकारी अन्नावि दिनेशकुमार की अध्यक्षता में साइबर जागरुता दिवस का
आयोजन नेहरु महाविद्यालय में किया गया। डा.ओमप्रकाश शास्त्री ने बताया कि
लोगों को साइबर क्राइम की ठगी से बचाने के लिए जनपद में प्रत्येक माह के
प्रथम बुधवार को साइबर जागरुकता दिवस का आयोजन किया जाएगा, जिसका
उद्देश्य जनपदवासियों को साइबर क्राइम की जानकारी प्रदान करते हुए उन्हें
इससे सुरक्षित रहने के उपायों के बारे में बताना है। साइबर क्राइम
अधिकारी गुलाम हुसैन ने बताया कि आज साइबर जागरुकता दिवस के अवसर हम सभी
यहां पर एकत्र हुये हैं। साइबर क्राइम से सुरक्षित रहने के लिए आप सभी को
इसके बारे में जानकारी होना अति आवश्यक है। उन्होंने बताया कि यदि हमें
साइबर क्राइम के बारे में जानकारी होगी तो हम स्वयं और अपने आसपास के
लोगों को साइबर क्राइम से सुरक्षा प्रदान कर सकेंगे। साइबर क्राइम अपराध
के लिए अपराधी किसी दूसरे व्यक्ति को कम्प्यूटर एवं मोबाइल के माध्यम से
वित्तीय एवं सामान्य क्षति पहुंचाता है। इस ठगी से बचने के लिए हमें
सर्वप्रथम अपने भीतर किसी भी प्रकार के लोभ/लालच को पनपने से बचना होगा।
साइबर क्राइम के तहत अपराधियों द्वारा व्यक्ति के साथ एटीएम एक्सचेंज,
एटीएम क्लोन एवं मोबाइल पर साइबर ठगी की जाती है। किसी भी व्यक्ति के साथ
साइबर ठगी होने पर वह व्यक्ति बिना समय गवाये साइबर क्राइम की वेबसाइट
एवं हैल्पलाइन नम्बारों पर सम्पर्क करें। हमारे साथ किसी भी प्रकार की
साइबर ठगी के होने का कारण जागरुकता एवं एकाग्रता का अभाव है। इसके साथ
ही हमें सोशल मीडिया पर अधिकतम मित्र बनाने से स्वयं को रोकना चाहिए। साथ
ही साइबर ठगी से बचने के लिए किसी भी प्रकार के मोबाइल एप एवं वेबसाइट को
इन्सटॉल नहीं करना चाहिए। आवश्यकता होने पर जो वेबसाइट सीरीज से शुरु हो,
उसी को सर्च करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने साइबर सेल द्वारा जारी
प्रमुख बिंदुओं के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर
वित्तीय धोखधड़ी की सूचना तत्काल हेल्पलाइन नम्बर 155260/112 पर दें
जिससे धनराशि खाते में होल्ड करायी जा सके। साइबर अपराध, एनसीआरपी पोर्टल
की वेबसाइट पर दर्ज करें। खाते में के.वाई.सी. अपडेट करने के लिए बैंको
द्वारा कभी भी किसी से व्यक्तिगत जानकारी/ओटीपी/सीवीवी/पिन नम्बर नहीं
मांगी जाती है। किसी के कहने से काई भी ऐप न डाउनलोड करें। किसी भी
वेबसाइट पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले अच्छी तहर जाँच
लें। ऑनलाइन सेवा देने वाली कम्पनियों व सरकारी विभाग/कम्पनियों के
कस्टमर केयर का नम्बर अधिकारिक वेबसाइट से ही प्राप्त करें।
अज्ञातव्यक्ति/अज्ञात मोबाइल नम्बर द्वारा भेजी गयी लिंक को क्लिक न
करें। सरकारी उपक्रम, वेबसाइट या फण्ड की आधिकारिक वेबसाइट से ही वित्तीय
लेनदेन करें। किसी से पैसा प्राप्त करते समय अपनी यूपीआई आईडी/पासवर्ड न
डालें, पैसा प्राप्त करते समय इसकी कोई आवश्यकता नहीं होती है। वॉलेट
अपडेट और केवाईसी नजदीकी ऑथराइज्ड सेन्टर पर जाकर ही करायें। अपने सोशल
एकाउन्ट व बैंक खातो का पासवर्ड स्ट्रांग बनायें, जिसमे नम्बर, अक्षर व
चिन्ह तीनो हो, साथ ही टू-स्टेप-वेरीफिकेशन लगाये रखे। कार्यक्रम में
पुलिस अधीक्षक निखिल पाठक ने कहा कि वर्तमान समय में लोगों को अत्यधिक
वित्तीय क्षति साइबर ठगी के माध्यम से ही होती है। साइबर क्राइम से बचने
के लिए सतर्कता को पास रखना एवं लालच के भाव से दूर रहना अति महत्वपूर्ण
साधन है। मोबाइल में ईमेल आईडी को कोई भी व्यक्ति अन्य व्यक्तियों के साथ
साझा न करें, सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उन्हीं लोगों से जुड़े, जिनसे आप
व्यक्तिगत रुप से परिचित हों। यदि कोई भी प्रलोभन फोन पर आपको दिया जा
रहा है तो आप तुरंत सतर्क हो जायें, आप स्वयं अपने आसपास के लोगों को
जागरुक कर समाज को सुरक्षित बनाने का कार्य करें। जिलाधिकारी ने कहा कि
वर्तमान समय में साइबर क्राइम की घटनायें अधिक संख्या में देखने को मिल
रही हैं। साइबर क्राइम से बचने के लिए जागरुकता अति आवश्यक है। प्रत्येक
व्यक्ति इस बात का स्मरण रखें कि कोई भी सफलता बिना परिश्रम के प्राप्त
नहीं की जा सकती। यदि कोई सफलता सहजता से मिल रही है तो वह निश्चित रुप
से एक भ्रम है। उन्होंने बताया कि जनपदवासी मोबाइल का प्रयोग करते समय
सतर्कता अनिवार्य रुप से रखें। इन्टरनेट की दुनिया में हर व्यक्ति
कम्प्यूटर और मोबाइल से जुड़ा हुआ है, उसकी जॉब, शिक्षा और वित्तीय
लेनदेन मोबाइल व कम्प्यूटर तकनीकि से जुड़े हुये हैं, ऐसे में लोगों की
थोड़ी सी लापरवाही साइबर क्राइम को बढ़ावा देती है। हमें अपने कम्प्यूटर
और मोबाइल के सॉफ्टवेयर को समय-समय पर अपडेट करते रहना चाहिए, क्योंकि
देखने में आया है कि हेकर्स अक्सर कई तरीकों से अपने फोन का डेटा चोरी कर
लेते हैं और फिर उसका गलत इस्तेमाल करते हैं। इसके साथ ही बैंक अधिकारी
बनकर व लॉटरी लगने के नाम पर बैंक अकाउंट के बारे में जानकारी लेकर साइबर
क्राइम की घटनाओं को अंजाम देते हैं। साइबर क्राइम की घटनाओं से बचने के
लिए जनपदवासियों को जागरुक रहना होगा। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक निखिल
पाठक, जिला विद्यालय निरीक्षक रामशंकर, प्रधानाचार्य नेहरु महाविद्यालय
डा.अवधेश अग्रवाल, आचार्य नेहरु महाविद्यालय ओमप्रकाश शास्त्री सहित
नेहरु महाविद्यालय के अध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।

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