अमृत महोत्सव सत्र का दूसरा दिन


प्रगति के साथ सस्टेनेबिलिटी को बनाये रखने पर बल
स्मार्ट सिटी एक डेस्टिनेंशन नहीं बल्कि यात्रा है
- दुर्गाशंकर मिश्रा

लखनऊ: 06 अक्टूबर, 2021

आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे अमृत महोत्सव के अन्तर्गत इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मर्करी हाल में आयोजित मेकिंग सिटी स्मार्ट टूवर्डस मेकिंग ए शिफ्ट फ्राम मिशन टू मोमेन्ट तथा इण्डिया मेट्रो रेल सिस्टम एवं 100 इयर्स आफ इंडिपेन्डेन्स विषय पर प्रस्तुतीकरण किया गया। मेकिंग सिटी स्मार्ट विषय पर शहरी विकास कार्य मंत्रालय सचिव भारत सरकार श्री दुर्गाशंकर मिश्रा एवं एम0डी0 स्मार्ट सिटी मिशन भारत सरकार श्री कुणाल कुमार ने अपने विचार रखे।
भारत की आजादी के 100 साल पूरे होने पर मेट्रो रेल की दिशा-दशा पर आयोजित सेशन में एम0डी0 दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन डा0 मंगू सिंह, एम0डी0 (एन0सी0आर0टी0सी0) श्री विनय कुमार सिंह, एम0डी0 (सी0एम0आर0एल0) श्री प्रदीप यादव, डायरेक्टर (सिस्टम के0एम0आर0एल0) श्री दिलीप कुमार सिन्हा, एम0डी0 (यू0पी0 एम0आर0सी0एल0) श्री कुमार केशव तथा एम0डी0 (महामेट्रो) श्री ब्रिजेश दीक्षित ने प्रजेन्टेशन प्रस्तुत किया।
सचिव शहरी विकास कार्य मंत्रालय भारत सरकार श्री दुर्गाशंकर मिश्रा ने कहा कि स्मार्ट सिटी संकल्पना का आशय है कि उपलब्ध संसाधनों से ही लोगों को अधिक से अधिक संतुष्ट किया जाय तथा साथ ही साथ स्थायित्व पर ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी योजना का उद्देश्य है कि विकास सामाजिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय हो और वह सतत भी है। सीवर एवं पीने के पानी के संबंध में जगन्नाथ पुरी एवं इन्दौर का उदाहरण देेते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि हर नल मेें स्वच्छ पानी 24 घन्टे उपलब्ध हो सके। सीवर वाटर ट्रीटमेंट के माध्यम से स्वच्छ कर नदियों मंे छोड़ा जाय। इसके लिए उन्होंने इन्दौर में कान्ह एवं सरस्वती नदियों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि नए विकसित होने वाली कालोनियों एवं शहर सुनियोजित हो और पहले से स्मार्ट रूप में बसायी जाए। उन्होंने कहा कि आगे जो ग्रोथ हो वह स्मार्ट हो। उन्होेेंने कहा कि स्मार्ट सिटी एक डेस्टिनेशन नहीं है बल्कि यह एक यात्रा है। स्मार्ट सिटी एक माइन्ड थिंक है। उन्होेंने कहा माइन्ड सेट में बदलाव एवं तकनीकि को विकसित कर लोगों के जीवन को आसान बनाना है।
उन्होंने कहा कि मेट्रो परियोजना पर कार्य बहुत तीब्र गति से चल रहा है। 1000 किमी0 दूरी को एक करोड़ यात्रियों के साथ कवर करने का लक्ष्य 2021 तक प्राप्त करने का था, लेकिन कोविड महामारी की वजह से इसमें थोड़ी बाधा जरूर आयी। इसके बावजूद 900 किमी की दूरी तक मेट्रो कार्य हो चुका है। उन्होंने कहा कि आजादी के 100 वर्ष जब हम मनाये तो हमारा लक्ष्य है कि कम से कम 100 शहरों को मेट्रो से कवर कर लिया जाय। शहरों की बढ़ती आबादी का देखते हुए मेट्रो सिटी बनाना आवश्यकता बन चुकी है। दिल्ली मेट्रो यदि न होती तो लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाना दूभर हो जाता। उन्होंने कहा कि अगले माह तक हम आस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों को स्वदेश निर्मित कोचों की मांग पूरी करने जा रहे हैं। यह मा0 प्रधानमंत्री जी के मेक इन इंडिया के सपने का साकार करने वाला साबित होगा।

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