सोने कै चिरइया हमार देसवा,पारम्परिक संगीत के साथ लोक विमर्श का समापन : 11 विभूतियां सम्मानित




लखनऊ। पारम्परिक लोक संगीत प्रस्तुति, विविध प्रतियोगिताओं के साथ दो दिवसीय लोक विमर्श का मंगलवार को समापन हुआ। लोक संस्कृति शोध संस्थान द्वारा विकास नगर स्थित राजकीय कन्या इण्टर कालेज में आयोजित कार्यक्रम में नारी सशक्तिकरण, सुरक्षा, सम्मान पर चर्चा के साथ ही आजादी के अमृत महोत्सव पर राष्ट्रनायकों की गौरव गाथा का आख्यान हुआ। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए 11 विभूतियों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ संगीत विदुषी प्रो. कमला श्रीवास्तव, वरिष्ठ साहित्यकार डा. विद्याविन्दु सिंह, लोक संस्कृति शोध संस्थान की सचिव सुधा द्विवेदी, जीजीआईसी की प्रधानाचार्य कुसुम वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया।

प्रो. कमला श्रीवास्तव ने देश की आजादी के संघर्ष तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाली विभूतियों का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि अतीत से प्रेरणा लेकर देश को संभालने, सजाने और संवारने का काम ही अमृत महोत्सव की उपलब्धि होगी। डा. विद्या विन्दु सिंह ने पूर्वजों के स्मरण को पुनीत कार्य बताया।

प्रस्तुतियों का शुभारम्भ देवी तो हमरे घर आईं से हुआ। सोने कै चिरइया हमार देसवा, बंसी तो बाजी मोरा रंगमहल मा, देखौ आई मुंडन कै सुभ बेरिया, जनक जी की बेटियां दशरथ कै लाल, भरी महफिल में बना, हमार मन होय फुलबगिया मा जाईं, सिव संकर कै आई बारात, इक दूबर पातर मानुस कै जान बड़ी भारी, खेतवा मा बोयौं धान गेहूं चना मकई तथा नकटा मोरी लौंगा लचकनी होय गई जैसे पारम्परिक धुन पर आधारित गीतों की मनमोहक प्रस्तुति हुई। प्रो. कमला श्रीवास्तव के निर्देशन में वरिष्ठ लोकगायिका इन्द्रा श्रीवास्तव, प्रो. मधुरिमा लाल, डा. सरोजिनी सक्सेना, सरिता अग्रवाल, अम्बुज अग्रवाल, चित्रा जायसवाल, संगीता खरे, सीमा अग्रवाल, सुषमा प्रकाश, शैलजा श्रीवास्तव, रीता पाण्डेय, अरूणा उपाध्याय, कुमकुम मिश्रा, रेखा अग्रवाल, दिव्यांशी मिश्रा, नम्रता मिश्रा, अलका चतुर्वेदी, डा. पूर्णिमा अग्रहरि व अन्य ने सराहनीय प्रस्तुति दी। संचालन इंजी. जीतेश श्रीवास्तव ने किया। स्वरा त्रिपाठी, डा. वन्दना शुक्ला, रेखा मिश्रा, निधि निगम, कल्पना सक्सेना, डा. भक्ति शुक्ला आदि ने इन गीतों पर नृत्य भी किया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ लोक गायिका पद्मा गिडवानी, दया चतुर्वेदी, अविनाश पाण्डेय, डा. करूणा पांडे, डा. भारती सिंह, राजनारायण वर्मा, नीलम वर्मा, मधुलिका श्रीवास्तव, मेराज आलम, जादूगर सुरेश, जादूगर शाशा, विद्याभूषण सोनी, अंशुमान मौर्य, हेमलता त्रिपाठी, एन.के.द्विवेदी, डा. एस.के.गोपाल के साथ ही विद्यालय की अध्यापिकायें अनु गंगवार, रूचि, सीमा वर्मा, मधुलिका, बबिता वर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।


इन्हें मिला सम्मान :


सम्मानित होने वालों में हिमांशु बाजपेयी को किस्सागोई परम्परा संवर्द्धन के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान हेतु पद्मश्री डॉ. योगेश प्रवीन स्मृति लोक प्रतिभा सम्मान, लोक गायिका डा. रंजना अग्रहरि को श्रीमती आरती पाण्डेय स्मृति लोक संगीत सम्मान, लोक गायिका नीरा मिश्रा को प्रो. कमला श्रीवास्तव लोक संगीत ध्वजवाहक सम्मान, रमा सिंह को सांस्कृतिक उन्नयन एवं पूर्वज स्मृति संरक्षण के लिए श्रीमती प्राण देवी स्मृति लोक साधक सम्मान, साहित्यकार डॉ. सुरभि सिंह को श्रीमती प्रभु देवी स्मृति लोक साधक सम्मान, समाजसेवी ओम कुमारी सिंह को श्री गोविन्द प्रसाद टिबड़ेवाल स्मृति लोक सेवा सम्मान, आल्हा गायिका अलका बाजपेई को श्रीमती शोभा देवी स्मृति लोक कलाकार सम्मान, नाटककार गजेन्द्र सिंह चौहान उर्फ सोनल ठाकुर को श्री सीताराम तिवारी स्मृति लोक कलाकार सम्मान, कठपुतली विशेषज्ञ श्रुति चोपड़ा को श्रीमती रमावती देवी स्मृति लोक कलाकार सम्मान, कला समीक्षक दुर्गा शर्मा को श्री जे.पी.लम्बोदर स्मृति कलमकार सम्मान एवं कला चिन्तक व विख्यात जादूगर आफताब हुसैन को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम स्मृति सेवा सम्मान प्रदान किया गया।


रंगोली एवं चित्रकला प्रतियोगिता में सम्मिलित हुईं सैकड़ों छात्राएं :


मिशन शक्ति एवं आजादी के अमृत महोत्सव पर केन्द्रित रंगोली व चित्रकला प्रतियोगिता में राजकीय बालिका इण्टर कालेज की 130 से अधिक छात्राओं ने प्रतिभाग किया। श्रीमती श्यामा देवी रंगोली प्रतियोगिता में शिवांगी, सुहांगी, रूचि जायसवाल व स्वाति गौतम के समूह को प्रथम, मोहिनी देवी, मोहिनी कुमारी के समूह को द्वितीय, रूचि, शालिनी व प्राची के समूह को तृतीय स्थान मिला। इसी प्रकार चित्रकला प्रतियोगिता में ज्योति पाठक को प्रथम, समीना को द्वितीय एवं किरन शर्मा को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। कहकशां, कोमल, अलीशा, नेहा, प्रियंका, श्रुति, सुधा, मानसी, नेहा और तंजीम को सान्त्वना पुरस्कार मिला।


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