जनपदों में पौराणिक, पुरात्ताविक, ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जनपद में



जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद का होगा गठन

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 23 विभाग समन्वय बनाकर पर्यटन की विभिन्न सम्भावनाओं  पर विचार करके कार्ययोजना को करेगें क्रियान्वित
- जयवीर सिंह



लखनऊ: 25 मई, 2022
प्रदेश के समस्त जनपदों में स्थित आकर्षक- पौराणिक, पुरात्ताविक, ऐतिहासिक व सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा संवर्धन, प्रमुख सांस्कृतिक स्थलों से जुड़े व्यक्तियों, कलाकारों एवं स्थानीय समुदाय की आमदनी बढ़ाने एवं रोजगार के साधन सृजित करने, सांस्कृतिक धरोहरों, परम्पराओं को अक्षुण्ण बनाये रखने तथा पर्यटन एवं सांस्कृतिक के विकास हेतु नये क्षेत्रों की तलाश एवं पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास में बाधक गतिरोध एवं समस्या आदि के समाधान के लिए प्रत्येक जनपद में जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद का गठन किया जायेगा। इस परिषद में जिलाधिकारी के अतिरिक्त 23 विभागों के अधिकारी पदेन सदस्य होंगे।
यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने आज यहां दी। उन्होंने बताया कि जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के गठन की कार्यवाही शीघ्र पूरी किये जाने के निर्देश दिये गये है। उन्होने परिषद द्वारा किये जाने वाले कार्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह परिषद जनपद में पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास हेतु वातावरण तैयार करेगी। इसके अलावा पर्यटन एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में विभिन्न गतिविधियों को संचालन के लिए दिशा-निर्देश भी जारी करेगी।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि संबधित जनपद में पर्यटन की संभावनाओं से परिपूर्ण स्थलों के विकास अभिलेखीकरण तथा कलाओं के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार करेगी तथा पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास के मामले में प्रचलित नीतियों को लागू करने तथा इसे बेहतर एवं उपयोगी बनाये जाने के लिए सुझाव भी देगी। इसके अतिरिक्त अन्य प्रदेशों में पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास से जुडें कार्यों एवं आयोजनो पर चर्चा करके जनपद स्तर पर क्रियान्वयन पर विचार करेगी।
श्री जयवीर सिंह ने यह भी बताया कि जनपद में पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास के लिए स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी भी परिषद की होगी। इसके अतिरिक्त परिषद द्वारा परियोजनाओं एवं कार्यक्रम का प्रस्ताव वित्तीय व्यवस्था के लिए परिषद द्वारा महानिदेशक पर्यटन उत्तर प्रदेश लखनऊ को उपलब्ध कराया जायेगा। इसके अलावा साल के जिन महीनों में पर्यटकों के आवागमन में काफी वृद्धि होती है अथवा पर्यटन गतिविधियां बढ़ जाती है। उसके हिसाब से पर्यटन एवं बुनियादी सुविधाओं के बारे में व्यापक प्रचार प्रसार की जिम्मेदारी परिषद की ही होगी। जनपद में संगोष्ठी, प्रदर्शनी आदि गतिविधियों के आयोजन का कार्य भी परिषद द्वारा किया जायेगा।
पर्यटन मंत्री ने यह भी बताया कि पर्यटन के विभिन्न परिवेशों जैसे आवास, खान-पान, ट्रैवेल ऐजेन्सी, संस्कृति, साहित्य, मनोरंजन आदि गतिविधियों को भी इस परिषद के माध्यम से प्रोत्साहित किया जायेगा। इसके अलावा जिले के विभिन्न सांस्कृतिक उत्पादों से पर्यटकों को परिचित कराने के साथ-साथ संबधित जिले में पर्यटन एवं संस्कृति विकास के लिए सरकारी, गैर सरकारी तथा निजी सहभागियों के माध्यम से समन्वय भी किया जायेगा। इसके अतिरिक्त जनपद में मौजूद सामाजिक, सांस्कृतिक धरोहरों या प्राकृतिक स्त्रोतों के संरक्षण में भी यह समिति योगदान देगी।
श्री जयवीर सिंह ने बताया कि जिला स्तरीय समिति में सबंधित जनपद के जिलाधिकारी अध्यक्ष तथा पुलिस कमिश्नर द्वारा नामित उपायुक्त, एस.एस.पी/एस.पी, सी.डी.ओ, प्रभागीय वनाधिकारी, उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण/सचिव प्राधिकरण, वरिष्ठ सहायक, जिला प्रतिनिधि (एस.ए.डी.ए), नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, ई.ओ. नगर पालिका/नगर पंचायत, जिला क्रीड़ा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बी.एस.ए, डी.पी.आर.ओ, जिला सूचना अधिकारी, क्षेत्रीय पुरात्तव अधीक्षण, मुख्य कोषाधिकारी/कोषाधिकारी, सांस्कृतिक विभाग के स्थानीय अधिकारी पदेन सदस्य होगें।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि समिति में क्षेत्रीय प्रबन्धक/सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक, प्रबन्धक उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड, जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला प्रबन्धक, जिला उद्योग केन्द्र, उपनिदेशक/आर.टी.ओ., टी.आई.ओ, आयुष विभाग, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग, न्याय एवं विधायी, चिकित्सा एवं स्वास्थय विभाग के पदेन अधिकारी भी सदस्य के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा सम्मानित विशेष आमंत्रित पदेन सदस्यो ने मा0 सांसद प्रतिनिधि, लोकसभा, जनपद के विधायकगण तथा मा0 अध्यक्ष जिला पंचायत भी समिति के पदेन सदस्य होगें।

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