अयोध्या के पर्यटन के विकास हेतु 127.20 लाख रुपये की लागत से विभिन्न कार्य कराये गये


श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से होटल, रेस्टोरेंट एवं ट्रांसपोटर्स की बढ़ी आर्थिक गतिविधियां

लखनऊ: 24 जून, 2022

मा0 प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा एवं मा0 मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में पर्यटन विभाग, पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को स्तरीय सुविधायें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार की स्वदेश दर्शन स्कीम के रामायण सर्किट योजना के अंतर्गत अयोध्या में समेंकित पर्यटन विकास हेतु 127.20 लाख रुपये की लागत से रामकथा पार्क (पार्किंग साईट, ओपन एयर थिएटर, लैण्डस्केपिंग, पाथ-वे, बाउण्ड्रीवॉल, सोलर लाईट, सा।लिड वेस्ट मैनेजमेन्ट, एवं स्टोन बेन्च), आयोध्या बस स्टैण्ड दिगम्बर अखाड़ा-बहुउद्देशीय हाल, राम की पैड़ी (फसाड इल्यूमिनेशन, स्टोन रेलिंग, साईनेज, सोलर लाईट, लैण्डस्केपिंग, पार्किंग, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट, स्टोन बेन्चेज, स्टोन प्लान्टर्स, गजीबो एवं स्टोन बोलार्ड), मल्टीलेवेल पार्किंग, पंचकोशी परिक्रमा मार्ग पर यात्री छादक, सिटीवाईड इण्टरवेंशन (वाटर कियॉस्क, सोलर लाईटिंग, गजीबो, पुलिस बूथ, टॉयलेट ब्लाक, वॉच टावर, साईनेज), स्ट्रीट रेजुवेनेशन (कोबेल स्टोन, टॉयलेट ब्लाक, स्टोन बोलार्ड, ड्रेनेज, स्ट्रीट लाईट, वाटर कियॉस्क, सैण्ड स्टोनवेंचेज, तुलसीदास उद्यान का सौन्दर्यीकरण आदि), पेडस्ट्रियन स्ट्रीट (कोवेल स्टोन, स्ट्रीट लाईट, ड्रेन कवर), गुप्तार घाट का पर्यटन विकास, लक्ष्मणकिला घाट, लैण्डस्केपिंग एवं पार्क का विकास, पार्किंग आदि का कार्य कराया गया है, जिससे आयोध्या आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों, श्रद्धालुओं को उच्च स्तरीय सुविधायें प्राप्त हो रही है तथा स्थानीय लोगों हेतु रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि वाराणसी एवं आयोध्या, मथुरा, कपिलवस्तु, कुशीनगर, श्रावस्ती विभिन्न सर्किटों में आने वाले धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों पर देशी-विदेशी पर्यटकों की आवक बारहों महीने बनी रहती है। इसलिए इन स्थानों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के साथ ही बुनियादी सुविधाएं सुलभ करायी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि पर्यटकों की गतिविधियां बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, ट्रांसपोर्ट एवं अन्य सेवा सेक्टर को बढ़ावा मिलता है। इसके साथ ही लोगों को रोजगार भी प्राप्त होता है। अयोध्या प्राचीन समय से ही कोशल राज्य की राजधानी एवं प्रसिद्ध महाकाव्य रामायण की पृष्ठभूमि रही है। प्रभु श्रीराम की जन्मस्थली होने के कारण अयोध्या प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में माना जाता है। अयोध्या में लाखों की संख्या में पर्यटक श्रद्धालु हर महीने आते रहते हैं। प्रमुख धार्मिक पर्वों के अवसर पर यहां पर पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बनी रहती है।

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