योग मनुष्य को केवल शारीरिक और मानसिक तौर पर स्वस्थ्य नहीं बनाता बल्कि यह सामाजिक रूप से भी व्यक्ति का विकास करता है-जयवीर सिंह




लखनऊ: 21 जून, 2022
आदियोगी भगवान शिव की नगरी काशी में योग की परंपरा युगों पुराना हैं। आठवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर अलसुबह सूर्योदय के साथ ही योग करके निरोग रहने की कामना के साथ ही उत्तरवाहिनी माँ गंगा के तट और गंगा घाटो के साथ ही पार्कों और घरों पर काशीवासियों ने योगासन किए और स्वागस्य्गं  को बेहतर बनाने के लिए शरीर को योग के प्रति समर्पित किया। इस दौरान शहर के विभिन्न‍ सामुदायिक स्थसलों पर भी योग दिवस का आयोजन कर योग की महत्ताप को प्रचारित और प्रसारित किया गया।शहर में प्रमुख आयोजन नमो घाट पर सुबह सूर्योदय के साथ ही मनाया गया। जिसमें उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उनके अलावा शहर के गणमान्य् लोगों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी और राजनीतिक दलों के लोगों ने भी नमो घाट पर योग किया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि योग मनुष्य को केवल शारीरिक और मानसिक तौर पर स्वस्थ्य नहीं बनाता बल्कि यह सामाजिक रूप से भी व्यक्ति का विकास करता है। योग मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन बनाने भी में मदद करता है। इस बार के योग दिवस की थीम 'मानवता के लिए योग' है।उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में आज 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा है। पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून, 2015 को मनाया गया था। जिसका प्रस्ताव सबसे पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर, 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के अपने संबोधन में किया था। इसके बाद 21 जून को इंटरनेशनल योग डे मनाने की घोषणा  की गई थी। उन्होंने कहा कि योग हमारी सनातन संस्कृति का प्रतीक है। जिसे आज पूरे विश्व ने स्वीकार किया है।
 कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने जनपद में आठवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन पर लोगों को धन्यवाद देते हुए कहां कि हमारी योग परंपरा अति प्राचीन है, योग हमारी सनातन संस्कृति का प्रतीक है। जिसे आज पूरे विश्व ने स्वीकार किया है। इससे पूर्व मंत्री जयवीर सिंह ने दीप प्रज्वलित कर आठवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की।
     बताते चले कि आठवां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तो पूरी दुनिया में विशेष है, लेकिन काशी में विशेष रहा। नमो घाट पर और उसके सम्मुख मां गंगा की लहरों पर योग की अलौकिक छटा देखने को मिली। मुख्य अतिथि मंत्री जयवीर सिंह ने जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों सहित भारी संख्या में मौजूद लोगों के साथ योग किया। नमो घाट पर 19 ब्लाक बनाये गए थे। इनमें करीब 5000 से अधिक लोगों ने सुबह छह बजे अपना स्थान ले लिया। सभी ब्लाक में लगी एलईडी स्क्रीन पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मैसूर में आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जा रहा था। नमो घाट के सम्मुख बजड़ों को क्रम से सजा कर खड़ा किया गया था। इस दौरान जेटी को आपस में जोड़ कर बनाई गई 75 अंक को उकेरा गया था, जो आकर्षण का केंद्र रहा तथा स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने पर मनाए जा रहे अमृत महोत्सव का संदेश दे रहे थे। जेटी पर भी एक कतार में कुछ लोगों ने योग किया। नमो घाट के अलावा गंगा के किनारे सभी 84 घाटों पर भी कार्यक्रम हुए। इसमें कई संस्थाओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।        

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सबसे बड़ा वेद कौन-सा है ?

आपकी लिखी पुस्तक बेस्टसेलर बने तो आपको भी सही निर्णय लेना होगा !

पौष्टिकता से भरपूर: चंद्रशूर