नगर विकास मंत्री के निर्देश पर ’सम्भव’ व्यवस्था के तहत आज सभी नगर निगम क्षेत्र में नगर आयुक्त के स्तर पर की गई जनसुनवाई



लोगों की शिकायतों के निस्तारण पर रहा जोर, आज 17 नगर निगमों में 77 शिकायतों का हुआ निस्तारण

सोमवार को अधिशासी अधिकारियों के स्तर पर की गई जनसुनवाई में 833 शिकायतों का निस्तारण किया गया

मंत्री श्री ए0के0शर्मा ने कहा जन शिकायतों के निस्तारण से होगा अधिकारियों के कार्यों का मूल्यांकन

नगर विकास मंत्री ने शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर अधिकारियों को दिया धन्यवाद
लखनऊ: 21 जून, 2022
प्रदेश के नगर विकास मंत्री श्री ए0के0 शर्मा के निर्देश पर आज सभी नगर निगम क्षेत्र में नगर आयुक्त के स्तर पर जनसुनवाई की गयी और इसमें लोगों की शिकायतों का त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया गया। इस दौरान 17 नगर निगमों मंे कुल 339 शिकायतें प्राप्त हुई, जिसमें से 77 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है और 262 लंबित शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये हैं।
इसी प्रकार सोमवार को सभी नगर पालिका परिषदों एवं नगर पंचायत क्षेत्र के अधिशासी अधिकारियों द्वारा की गई जनसुनवाई में कुल 916 प्राप्त शिकायतों में से 833 शिकायतों का निस्तारण किया गया। शेष 83 लंबित शिकायतों के समाधान के लिए अधीनस्थ अधिकारियों से रिपोर्ट प्राप्त की जा रही है।
आज की जनसुनवाई में दुकानों के बाहर व नालियों पर अतिक्रमण, पार्क मंे अवैध कब्जा, सीवर लाइन चोक, लंबित भुगतान, मृतक आश्रित की नियुक्ति, हाईमास्क लाईट लगाने, गृह कर, नालियों की सफाई, भूमि विवाद, रिटायर कर्मचारियों का भुगतान, सड़कों/गलियों की मरम्मत, जलकल से संबंधित मामले सुने गये। मंत्री जी के निर्देश पर नगरीय निकायों में जनसुनवाई की ’सम्भव’ (सिस्टमैटिक एडमिनिस्टेªटिव मैकॅनिज्म ब्रिंग हैप्पीनेस एण्ड वैल्यू) नामक यह व्यवस्था से लोगों की तमाम समस्याओं का समाधान त्वरित गति एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जा रहा है।
नगर विकास मंत्री श्री ए0के0 शर्मा ने ’सम्भव’ पोर्टल की व्यवस्थानुसार हो रही जनसुनवाई कार्यक्रम की सफलता पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने बताया कि आज प्रदेश की 17 नगर निगमों में नगर आयुक्त स्तर पर लोगों की शिकायतें सुनकर उनका निस्तारण किया गया। सभी नगरीय निकायों में जनसुनवाई कार्यक्रम आगे भी इसी तरह आयोजित होते रहेंगे तथा समस्याओं के समाधान में सभी संबंधित अधिकारी अपना सार्थक योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता से ही अधिकारियों के कार्यों का मूल्यांकन होगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से नागरिकों की शिकायतों का स्थानीय स्तर पर ही निस्तारण हो सकेगा और लोगों को एक पारदर्शी व जवाबदेही व्यवस्था मिलेगी।

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