सुनील चौरसिया 'सावन' बनें एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर

 


केन्द्रीय विद्यालय टेंगा वैली अरुणाचल प्रदेश में स्नातकोत्तर शिक्षक (हिन्दी) पद पर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे कवि सुनील चौरसिया 'सावन' की अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी काम्प्टी, नागपुर में 45 दिवसीय एनसीसी प्रशिक्षण के पश्चात्  एसोसिएट एनसीसी अधिकारी जैसे गरिमामय पद पर पदोन्नति हुई है । राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनेक सम्मानों से सम्मानित सावन को राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल गुरबीरपाल सिंह के साथ विशेष चाय पार्टी में गुफ्तगू करने एवं अनुभव साझा करने का स्वर्णिम अवसर प्राप्त हुआ।



एएनओ सुनील चौरसिया 'सावन' ने बताया कि उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान अनेक प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया और सर्वोत्तम स्थान प्राप्त किये। प्रशिक्षण के पश्चात् देश के लगभग सभी राज्यों से जुटे प्रबुद्ध प्रशिक्षुओं के व्यक्तित्व का असीम  विकास हुआ। जिससे देश के कैडेट्स को समुचित मार्गदर्शन मिलेगा और वे लाभान्वित होंगे। ग्राम- अमवा बाजार, पोस्ट- रामकोला, जिला- कुशीनगर, उत्तर प्रदेश में 5 अगस्त 1993 में जन्में सुनील ने बताया कि वह एकता और अनुशासन के मार्ग पर सेवा भाव से अग्रसर होते हुए  जनता इण्टर कॉलेज रामकोला, कुशीनगर में बतौर एनसीसी कैडेट टॉपर रहे। साहित्यिक अंदाज में समाज में एकता और समानता की समरस सरिता प्रवाहित कर्ता  सावन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेश में 'समानता का आकाशदीप' सम्मान से सम्मानित हो चुके हैं।

रजत एवं स्वर्ण पदक विजेता साहित्यकार सुनील चौरसिया 'सावन' अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी, काम्प्टी की सम्माननीय राणा प्रताप कम्पनी को अपनी पुस्तक 'हाय री! कुमुदिनी'  भेंट की। उन्होंने ब्रिगेडियर एचआर देसाई, कर्नल गिरीश दत्त, मेजर राकेश कुमार, सूबेदार के. ए. मुथैया, महेश सिंह, सुब्रत कुमार स्वाईं, मंजीत सिंह, विष्णु शुक्ला, रितीश, देवी शंकर, प्रह्लाद खड़कवाल,  संदेश तेली, हरमोहन सिंह , मनप्रीत सिंह, अर्जुन चौधरी इत्यादि प्रणम्य प्रशिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया जिनके मार्गदर्शन में देश के प्रबुद्ध प्रशिक्षुओं को सफल प्रशिक्षण मिला।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सबसे बड़ा वेद कौन-सा है ?

हत्या का पुलिस ने कुछ ही घंटों मे किया खुलासा

पौष्टिकता से भरपूर: चंद्रशूर