मथुरा से गोकुल बैराज तक क्रूज/फेरी सेवा जल्द शुरू की जायेगी -जयवीर सिंह



उ0प्र0 व्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक संपन्न

लखनऊः 31 अगस्त, 2022

यमुना नदी में मथुरा से गोकुल बैराज के 22 किमी0 दूरी तक पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के सुलभ आवागमन हेतु वाराणसी की तरह क्रूज/फेरी सेवा का संचालन किया जायेगा। इससे मथुरा में आने वाले देशी-विदेशी सैलानियों को सुविधा होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस परियोजना के लिए इनलैण्ड वॉटरवे अथारिटी ऑफ इंडिया द्वारा रीवर क्रूज और फेरी सेवा के संचालन के लिए विस्तार से प्रस्तुतीकरण किया गया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री आज पर्यटन भवन में मथुरा जनपद के यमुना में क्रूज सेवा संचालन के मुद्दे पर उ0प्र0 व्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा दिये गये प्रस्तुतीकरण का अवलोकन कर रहे थे। इस बैठक में क्रूज सेवा के लिए घाटों के निर्माण के अलावा अन्य स्थापना सुविधाओं के विकास के प्रकरण पर विस्तार से चर्चा की गयी।
श्री जयवीर सिंह ने कहा कि क्रूज सेवा के संचालन के लिए आगे की कार्यवाही को शीघ्रता से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के सहयोग से शुरू की जाने वाली यह सेवा पर्यटकों के साथ ही किसानों एवं आमजनमानस के लिए उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि क्रूज के माध्यम से दोनों ओर के किसान अपने उत्पादों को बाजार तथा विक्रय स्थल तक तेजी से पहुंचाकर उसका वाजिब मूल्य प्राप्त कर सकेंगे।
श्री जयवीर सिंह ने कहा कि 22 किमी0 के स्टेªच पर कई प्राचीन घाट, मंदिर तथा धार्मिक पुरातात्विक महत्व के स्थल मौजूद हैं। दूर-दूर से लोग इनका दर्शन एवं भ्रमण करने आते हैं, इससे पर्यटन की गतिविधियां बढ़ेगी। मथुरा में वृन्दावन, बरसाना, गोवर्धन सहित अन्य दर्शनीय स्थलों पर लाखों पर्यटक प्रति वर्ष आते हैं। उन्होंने बताया कि यमुना के किनारे क्रूज संचालन के मार्ग पर केसी घाट, कंस किला घाट, विश्राम घाट के अलावा जुगल किशोर घाट, स्वामी घाट, गऊ घाट, अखरूर घाट आदि स्थित हैं।
श्री जयवीर सिंह ने कहा कि भारत सरकार द्वारा क्रूज के संचालन के लिए जनसंख्या घनत्व पर्यटकों का संभावित आगमन, बुनियादी सुविधायें तथा सामाजिक, आर्थिक डाटा का अध्ययन किया जा रहा है ताकि इस क्रूज/फेरी सेवा को सफल और उपयोगी बनाया जा सके। इसके अलावा मंदिरों, पर्यटक स्थलों जैसे बिहारी मंदिर, बस अड्डों, ऑटो स्टाप, बड़े चौराहों/तिराहों आदि का भी सर्वेक्षण किया जा रहा है। श्री जयवीर सिंह ने सर्वेक्षण करने वाली संस्था की सराहना की।
इस बैठक में प्रमुख सचिव पर्यटन श्री मुकेश मेश्राम, विशेष सचिव एवं एमडी श्री अश्वनी कुमार पाण्डेय, उ0प्र0 व्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष श्री शैलजा कान्त मिश्र, सीईओ श्री एनपी सिंह तथा विशेष सचिव संस्कृति श्री ए0के0 सिंह उपस्थित थे।

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