आजादी के अमृत महोत्सव के सभी कार्यक्रम शानदार ढंग से आयोजित किये जाएं- जयवीर सिंह



 प्रदेश के समस्त जनपदों में ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम को भव्य ढंग से मनाने के लिए 3.75 करोड़ रु0 की धनराशि आवंटित


कार्यक्रम के आयोजन हेतु प्रत्येक जिलाधिकारी को 05 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई

लखनऊ: 05 अगस्त, 2022
 
आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम को पूरे प्रदेश में भव्य रूप से मनाये जाने के लिए प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों को 3.75 करोड़ रु0 की धनराशि आवंटित की गई है। इसमें से 5 लाख रु0 की धनराशि प्रत्येक जिले में जिलाधिकारियों द्वारा अयोजित किये जाने वाले कार्यक्रमों पर खर्च की जायेगी।
यह जानकारी पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने आज यहां दी। उन्होंने बताया कि ‘हर धर तिरंगा’ कार्यक्रम को शानदार ढंग से आयोजित किये जाने के लिए प्रमुख सचिव संस्कृति श्री मुकेश कुमार मेश्राम की ओर से 03 अगस्त, 2022 को 3.75 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित करते हुए सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं।
श्री जयवीर सिंह ने बताया कि हर घर तिरंगा कार्यक्रम आजादी के अमृत महोत्सव के परिप्रेक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। इसलिए इसमें व्यापक जनसहभागिता के लिए विभिन्न कार्यक्रम कराये जायेंगे। इस कार्यक्रम की व्यापक सफलता के लिए जनपद स्तर पर विश्व विद्यालय/शिक्षण संस्थानों को उपयोग में लिया जायेगा। जहां पर ध्वनि/प्रकाश से युक्त सभागार/प्रेक्षागृह उपलब्ध होंगे, वहां पर ये कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि जिला स्तरीय आयोजन समिति द्वारा आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रमों का अपने स्तर से निर्धारण किया जा सकता है, जिनमें तिरंगा जल यात्रा, कठपुतली एवं जादू सो आदि का भी कार्यक्रम रखा जा सकता है। समस्त आयोजनों में प्रभारी मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण, मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथिगण के रूप में आमंत्रित करते हुए जनपद के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं सैन्य बलों, केन्द्रीय पुलिस बलों तथा पुलिस के शहीदों के परिजनों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित भी किया जायेगा।
श्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस अवसर पर कवि सम्मेलन/मुशायरा आदि का चयन समिति द्वारा किया जायेगा। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर के कवि/शायर के साथ तीन से चार स्थानीय कवि/शायरों को भी शामिल किया जायेगा। प्रदेश के 75 जनपदों के लिए आवंटित धनराशि को व्यय करते समय वित्तीय नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा। कार्यक्रम के बाद व्यय विवरण इस प्रमाण पत्र के साथ एक सप्ताह के अंदर निदेशक संस्कृति निदेशालय लखनऊ को उपलब्ध कराना होगा।

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