संविदा कर्मियों के मामले में अधिकारी फुल करप्शन के लक्ष्य के साथ बड़े घोटालों को अंजाम दे रहे है- कृष्णकांत पाण्डेय

 


लखनऊ, 26 सितंबर 2022। सोमवार


उत्तर प्रदेश में नौकरियां न होने से बेरोजगार संविदा पर काम करने के लिए मजबूर हैं। संविदा पर काम कर रहे ज्यादातर संविदा कर्मियों को समय पर भुगतान न मिलना और कम वेतन मिलने की समस्या आम है, प्रदेश की योगी सरकार जीरो टॉलरेंस का दावा करती है, लेकिन संविदा कर्मियों के मामले में अधिकारी फुल करप्शन के लक्ष्य के साथ बड़े घोटालों  को अंजाम दे रहे है।

प्रदेश कांग्रसे प्रवक्ता कृष्णकांत पाण्डेय ने उक्त जानकारी देते हुए आगे बताया कि ऐसे ही मामले को लेकर सुल्तानपुर जिले में मुख्य विकास अधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी से संबंधित संविदा कर्मियों के एरियर भुगतान की जांच तीन सदस्यों की कमेटी से कराया, जिसमे गड़बड़ी पायी गई। इस मामले में जिला समाज कल्याण अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठे थे। जांच में गलत भुगतान की जानकारी भी प्रकाश में आई। सरकार के उच्च अधिकारियों के संरक्षण में र्भ्ष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा। सरकार पीड़ितों की शिकायत को भी संज्ञान में नही ले रही है। राज्य सरकार के छह महीने पूरे होने पर खुशी मना रही है, जबकि नौजवान, बेरोजगार रहने के लिए अभिशप्त एवं दाने-दाने को मोहताज हैं। संविदा कर्मी महिलाओं की हालत और भी दयनीय है।

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