दरगाह हज़रत शैखुल आलम मखदूम अहमद अब्दुल हक़ रुदौलवी (मखदूम साहब) का 606 वां उर्स 5 जनवरी से शुरू होगा -------‐--- सभी को मुबारकबाद

रूदौली(अयोध्या)।नफ़ीस खाँ शनिवार को चांद दिखते ही 606 वें उर्स- ए -शैख़-उल आलम का आगाज़ हो गया है ।उर्स की विधिवत अर्थात मुख्य शुरुआत 5 जनवरी को ही होगी। विश्व विख्यात सूफी संत हज़रत मखदूम शैखुल आलम शैख़ अब्दुल हक़ रूदौलवीं (मखदूम साहब) के उर्स की शुरुआत दरगाह हज़रत मखदूम शैखुल आलम शैख़ अब्दुल हक़ के सज्जादा नशीन वा मुतवल्ली शाह मुहम्मद अली आरिफ "सूब्बू मियां" की अध्यक्षता में आतिशबाज़ी से कर खुशियाँ मनायी गयी। दरगाह हज़रत मखदूम शैखुल आलम शैख़ अब्दुल हक़ के खानवादे हक़ फाउंडेशन के सदर शाह आमिर तबरेज ने जानकारी देते हुए बताया कि मख़दूम साहब का उर्स शुरू हो गया है, 5 जनवरी को प्रातः 6बजें कुरान ख्वानी से मस्जिद शैखुल आलम में सज्जादा नशीन वा मुतवल्ली शाह मुहम्मद अली आरिफ "सूब्बू मियां" की सदारत में उर्स की शुरुआत होगी। कदीमी ख़ानकाह दरगाह शैखुल आलम के अंदर महफिल- ए- समां (कव्वाली) रात 9 बजें से होती रहेगी। 5 जनवरी यानी बारह तारीख को मुख्य रूप से उर्स का विधिवत आगाज़ होगा। 5,6,7,8 जनवरी तक उर्स के मुख्य कार्यक्रम होंगे। 6 जनवरी को सज्जादा नशीन वा मुतवल्ली शाह मुहम्मद अली आरिफ "सूब्बू मियां" की सरपरस्ती में 4 बजे शाम गागर शरीफ़ की रस्म अदा की जायेगी बाद नमाज़ मगरिब हज़रत शैखुल आलम मख्दूम शैख़ अब्दुल हक़ के आस्ताने पर चरागां करेंगे । 7 जनवरी को सुबह 9 बजे कदीम खानकाह हज़रत शेखुल आलम में शेखुल आलम कांफ्रेंस वा किताब का रस्मे इजरा किया जायेगा । उसके बाद कदीम खानकाह में महफ़िल ए समां होगी । 7 जनवरी को शाम 4 बजें सज्जादा नशीन वा मुतवल्ली शाह मुहम्मद अली आरिफ "सूब्बू मियां" के द्वारा मख़दूम साहब के खिरका-ए -अव्वल पवित्र वस्त्र को धारण किया जायेगा। मौजूद जायरीन खिरका-ए-अव्वल की जियारत कर तबर्रुक प्राप्त करेंगे। इसके साथ ही 8 जनवरी को 1:30 बजें महफिल-ए-समां कुल शरीफ़ बड़ा रोजा के साथ उर्स संपन्न हो जायेगा। उर्स में देश की तमाम खानकाहों के सज्जादा नशीन व मुरीदीन के साथ बड़ी संख्या में जायरीन आते है, जिनके रहने खाने की व्यवस्था सज्जादा नशीन वा मुतवल्ली शाह मुहम्मद अली आरिफ "सूब्बू मियां" वा हक़ फाउंडेशन के सदर शाह आमिर तबरेज द्वारा की जाती है। इस बार अधिक जायरीनों की आने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त इंतेज़ाम भी किये गये है। मेले में झूलें व सभी तरह की दुकानों की आमद शुरू हो गयी है। मेला एक माह तक चलता रहेगा।

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