राज्यपाल ने बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय, झांसी की नैक ग्रेडिंग हेतु पियर टीम के लिए प्रस्तुतिकरण की ऑनलाइन समीक्षा की

 




प्रस्तुतिकरण को कम शब्दों में सुदृढ़ संयोजन के साथ बनाएं




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अपनी उपलब्धियों, विशेषताओं को शीर्ष प्राथमिकता से दर्शाएं, हाइपर लिंक में गतिविधि के फोटो लगाएं



विश्वविद्यालय की गतिविधियों से लाभ प्राप्त करने वाले लाभार्थियों के आंकड़े दर्शाएं

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सुझावों का दृढ़ता से अनुपालन करके उच्चतम ग्रेड के लिए प्रयास करें-राज्यपाल
लखनऊ: 08 दिसम्बर, 2023
      प्रदेश की राज्यपाल ने आज यहाँ राजभवन से ऑनलाइन जुड़कर बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय, झांसी के नैक हेतु पियर टीम के समक्ष किए जाने वाले प्रस्तुतिकरण का अवलोकन और समीक्षा की। उन्होंने समीक्षा के दौरान विस्तृत विवरण के साथ बने प्रस्तुतिकरण को कम शब्दों में सुदृढ़ संयोजन के साथ बनाने को कहा, जिससे पियर टीम के सदस्य कम समय में ही अधिकाधिक जानकारियाँ प्राप्त कर सकें। उन्होंने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, विशेषताओं को शीर्ष प्राथमिकता से दर्शाने, हाइपर लिंक में विशेष सुविधाओं के गतिविधि युक्त फोटो जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की उपलब्ध सुविधाओं और विभिन्न गतिविधियों से लाभ प्राप्त करने वाले लाभार्थियों के आंकड़े भी विवरण में दर्शाएं तथा पड़ोसी देशों से आकर शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों का भी विवरण में उल्लेख करें।
        ज्ञातव्य है कि विश्वविद्यालय इससे पूर्व तीन बार नैक में ग्रेडिंग हासिल कर चुका है। वर्ष 2017 में तीसरी बार मूल्यांकन में विश्वविद्यालय ने अपना अधिकतम ‘बी प्लस प्लस‘ ग्रेड प्राप्त किया था। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी के नेतृत्व में विश्वविद्यालय कई गुणवत्तापूर्ण सुधार के साथ इस बार ‘एन0आई0आर0एफ0‘ में भी फार्मेसी में 83वीं रैंक हासिल कर चुका है तथा नैक के लिए चौथी बार अपनी सेल्फ स्टडी रिपोर्ट दाखिल कर चुका है। अब दिसम्बर, 2023 में इसके लिए पियर टीम भ्रमण प्रस्तावित हुआ है, जिसके लिए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 मुकेश पाण्डेय द्वारा आज राज्यपाल जी के समक्ष प्रस्तुतिकरण दिया गया।
         राज्यपाल जी ने प्रस्तुतिकरण में विविध सुधारों को समय के अंतर्गत सही करने के निर्देश के साथ विश्वविद्यालय में गुणवत्ता सुधार और रैंकिंग उन्नयन के लिए विविध कार्यशालाओं में प्रतिभाग, अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों में भ्रमण और वहाँ के व्यवस्थागत सुधारों को अपने यहां लागू कराना, अन्य विश्वविद्यालयों की तुलना में अपनी अद्वितीय विशेषताओं का जिक्र, विद्यार्थियों को विषय चयन में उपलब्ध लचीलापन, लैंगिक समानता में ट्रांसजेण्डर्स को उपलब्ध सुविधाओं का उल्लेख प्रस्तुतिकरण में करने को कहा।
         इसी क्रम में राज्यपाल जी ने सातवें क्राइटेरिया में बेस्ट प्रैक्टिस के बिंदु पर चर्चा करते हुए इसके प्रस्तुतिकरण पर असंतोष व्यक्त किया और पुनर्लेखन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कुलपति से कहा कि बैठक में दिए गए सभी सुझावों का दृढ़ता से अनुपालन किया जाए। बैठक में उन्होंने विश्वविद्यालय की नैक टीम को नैक के उच्च्तम ग्रेड हेतु टीम भावना से कार्य करने को कहा।
          इस अवसर पर बैठक में राजभवन से अपर मुख्य सचिव राज्यपाल डॉ0 सुधीर महादेव बोबडे, विशेष कार्याधिकारी शिक्षा श्री पंकज जॉनी, राजभवन से अन्य अधिकारी तथा विश्वविद्यालय से कुलपति प्रो0 मुकेश पाण्डेय तथा नैक टीम के समस्त सदस्य ऑनलाइन जुड़े रहे।


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