किसी भी शहर के भ्रमण पर जाने वाले पर्यटकों को संग्रहालय अवश्य देखना चाहिए जिससे हमारा बौधिक विकास होता है-डॉ0 वन्दना सहगल


 लखनऊ।अन्तर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस प्रत्येक वर्ष 18 मई को मनाया जाता है। वर्ष 1983 में 18 मई को संयुक्त राष्ट्र ने संग्रहालय की विशेषता एवं महत्व को समझते हुए अन्तर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस मनाने का निर्णय लिया। इसका मूल उद्देश्य जनमानस में संग्रहालयों के प्रति जागरूकता तथा उनके कार्यकलापों के बारे में जन जागृति फैलाना था। साथ ही यह भी उद्देश्य था कि लोग संग्रहालयों के माध्यम से अपने इतिहास एवं संस्कृति को जाने एवं समझें। इस वर्ष अन्तर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस का विषय ‘‘शिक्षा और अनुसंधान के लिये संग्रहालय‘‘ है।

दिनांक 18 मई, 2024 को अन्तर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर राज्य संग्रहालय, लखनऊ एवं लोक कला संग्रहालय, लखनऊ संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों/प्रतियोगिताआंे के पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन राज्य संग्रहालय, लखनऊ के सभागार में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ0 वन्दना सहगल, प्रधानाचार्य/डीन, वास्तुकला एवं योजना संकाय, डॉ0 ए0पीजे0 अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ उपस्थित थी।




उक्त अवसर पर संग्रहालय भ्रमण, संग्रहालय के प्रति जागरूकता अभियान,राज्य संग्रहालय, लखनऊ में ऑन द स्पॉट लाइव स्केचिंग एवं पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रतिभागियो द्वारा बनायी गयी कलाकृतियों की प्रदर्शनी एवं कठपुतली प्रदर्शन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि एवं निदेशक महोदया द्वारा स्केचिंग एवं पेन्टिंग प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार सर्वजीत-टेक्नो ग्रुप ऑफ हायर स्टडीज लखनऊ, द्वितीय पुरस्कार प्रीति चौधरी-गोयल इन्स्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज लखनऊ, तृतीय पुरस्कार उत्कर्ष गुप्ता-एपीजे अब्दुल कलाम प्रा0 विश्वविद्यालय लखनऊ एवं पांच सांत्वना पुरस्कार सिद्धार्थ गुप्ता-गोयल इन्स्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज लखनऊ, दीपक वर्मा-कला एवं शिल्प महाविद्यालय लखनऊ, अंशिका शुक्ला-गोयल इन्स्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज लखनऊ, शिवम त्रिपाठी--एपीजे अब्दुल कलाम प्रा0 विश्वविद्यालय लखनऊ एवं अभिनंदिता गुप्ता--एपीजे अब्दुल कलाम प्रा0 विश्वविद्यालय लखनऊ को प्रदान किये गये। इसी क्रम में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार-ओशिन शुक्ला-मॉडर्न एकैडमी गोमतीनगर लखनऊ, द्वितीय पुरस्कार सुमित शर्मा-ऑलमाइटी माण्टेसरी स्कूल गोमतीनगर लखनऊ, तृतीय पुरस्कार सुष्मिता-राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज लखनऊ एवं सांत्वना पुरस्कार अक्षत मौर्य-मॉडर्न एकैडमी, लखनऊ, आरफा इलियास- करामत हुसैन गर्ल्स कॉलेज, लखनऊ, साक्षी चौरसिया- भारतीय बालिका गर्ल्स इण्टर कॉलेज लखनऊ, रौनक मिश्रा- ऑलमाइटी माण्टेसरी स्कूल, लखनऊ, तृष्णा तिवारी-राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज, लखनऊ को प्रदान किये गये। 



अन्त में मुख्य अतिथि द्वारा सभी प्रतिभागियों का उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि विद्यालय के बच्चों में अनुशासन होता है तथा संग्रहालय शिक्षा एवं शोध के केन्द्र है जिससे किसी भी शहर के भ्रमण पर जाने वाले पर्यटकों को संग्रहालय अवश्य देखना चाहिए जिससे हमारा बौधिक विकास होता है। निदेशक महोदया द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि पत्रकार बन्धुओं, प्रतिभागीगण को धन्यवाद ज्ञापित किया तथा बताया कि संग्रहालय शिक्षा का केन्द्र है जहां हमें अपनी ऐतिहासिक धरोहरों एवं संस्कृति के विषय में जानकारी प्राप्त होती है। इस अवसर पर डॉ0 विनय कुमार सिंह, मुद्रा शास्त्र अधिकारी, सुश्री अल शाज़ फ़ात्मी, सहायक निदेशक, डॉ0 मीनाक्षी खेमका, सहायक निदेशक, डॉ0 कृष्ण ओम, संग्रहालयाध्यक्ष, लोक कला संग्रहालय, लखनऊ, श्री भूपेन्द्र अस्थाना, कलाकार/सहायक अध्यापक, ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम, प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ, श्री शारदा प्रसाद त्रिपाठी, फोटो अधिकारी, श्री धनन्जय राय प्रदर्शक व्याख्याता, श्रीमती शशिकला राय, श्रीमती गायत्री गुप्ता, श्रीमती छाया यादव, लोक कला संग्रहालय, लखनऊ सहित संग्रहालय के समस्त अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ0 अनिता चौरसिया, प्रदर्शक व्याख्याता, राज्य संग्रहालय, लखनऊ द्वारा किया गया। 



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