वेदों ने पर्यावरण और प्रकृति की पूजा, साहचर्य और संरक्षण का पाठ पढ़ाया है : डॉ लीना मिश्र




पौधे रोपित कर बालिका विद्यालय की छात्राओं ने मनाया पर्यावरण दिवस 




सर्वप्रथम वेदों में प्रकृति और पर्यावरण की पूजा करने को प्रवृत्त किया गया है। वेदों में प्रकृति और पर्यावरण की पूजा अर्थात आस्था के स्तर तक जाकर प्रेम करना सिखाया गया है। प्रकृति संरक्षण के फायदे और मानव जीवन में उसके अस्तित्व और प्रकारांतर से लाभ देने की बात बताई गई है। समस्त मांगलिक आयोजनों में अनेक प्रकार के औषधीय गुणों वाले पुष्प और पौधों को अनुष्ठान में सम्मिलित किया गया है और जीवन भर उनसे जुड़े रहने की बातें बताई गई हैं। यह बात बताते हुए बालिका विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ लीना मिश्र ने कहा कि मनुष्य जीवन इन्हीं पेड़, पौधों, नदी, नालों, घाटी, पहाड़ों, बादलों, रेगिस्तानों आदि से है जिन्हें उनके मूल रूप में स्वीकार करते हुए उनका इस प्रकार संरक्षण करना चाहिए जिस प्रकार हम अपने जीवन के प्रति प्रेम दिखाते हैं। हमारे पूज्य वृक्ष अपनी जड़ों, छालों, तनों, पत्तियों, रसों, फलों और फूलों से जीवन भर हमारी और हमारे स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं। वृक्ष हमेशा ही मनुष्य को देते हैं, जीवित रहते हुए और सूख जाने पर भी। इन्हीं से पर्यावरण शुद्ध और जीवनदायी बना रह पाता है। इनका संरक्षण न करने का दुष्परिणाम भयावह हो सकता है। कुछ वृक्ष रात दिन आक्सीजन प्रदान करते हैं। ऐसे वृक्षों को सदैव अपने रिहायशी इलाकों में लगाए रखना चाहिए। कहा जाता है कि महाराष्ट्र के नासिक क्षेत्र में भगवान राम, उनके छोटे भाई लक्ष्मण और माता सीता का अधिकांश समय पंचवटी में बीता था और पंचवटी के औषधीय वृक्षों ने उनके स्वास्थ्य की रक्षा की थी। पर्यावरण की सुरक्षा, संरक्षण और जागरूकता हेतु 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन किया जाता है। विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ लीना मिश्र ने छात्राओं को पर्यावरण दिवस का उत्सव अपनी तरह से मनाने हेतु उन्हें पौधारोपण, कविता, स्लोगन, ड्राइंग या लेख लिखने को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि उपरोक्त के माध्यम से अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। विद्यालय की छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता के साथ पर्यावरण दिवस के उत्सव को मनाया। कक्षा 11 की सृष्टि सिंह ने स्वयं तो पौधारोपण किया ही, साथ ही  अपने आसपास के बच्चों को भी एकत्रित करके उन्हें पौधारोपण हेतु प्रेरित किया। इस विषय पर एक लेख भी लिखा। इसी प्रकार से कक्षा 9 की छात्रा हर्षिता मिश्रा ने खूबसूरत पोस्टर के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया तथा कक्षा 9 की कल्पना गौतम ने वृक्षारोपण के महत्व को बताते हुए कविता और स्लोगन लिखा जिससे पर्यावरण की सुरक्षा की ओर सभी का ध्यान जाए। कक्षा 8 की छात्राओं दिव्यांशी और काजल तिवारी ने भी अपने घर और आसपास पर्यावरण दिवस को मनाते हुए पौधे लगाए। विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ लीना मिश्र ने इन सभी छात्राओं के प्रयासों की सराहना की। विद्यालय खुलने पर इन सभी छात्राओं को पुरस्कृत भी किया जाएगा।



इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सबसे बड़ा वेद कौन-सा है ?

कर्नाटक में विगत दिनों हुयी जघन्य जैन आचार्य हत्या पर,देश के नेताओं से आव्हान,