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महाकुम्भ में शुरू हुआ ब्रह्मचर्य दीक्षा समारोह

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श्री शंभू पंच अग्नि अखाड़ा में शुरू हुआ दीक्षा देने का समारोह मकर संक्रांति के अगले दिन शुरू हुआ ब्रह्मचारी बनाने का समारोह अखाड़े में अध्ययन के बाद समाज में जाकर धर्म का प्रचार करेंगे ब्रह्मचारी 15 जनवरी, महाकुम्भ नगर। महाकुम्भ प्रयागराज में लगे मेला परिसर में स्थित ब्रह्मचारियों के अखाड़े श्री शंभू पंच अग्नि अखाड़ा में बुधवार को दीक्षा समारोह शुरू हो गया। मकर संक्रांति के अगले दिन अखाड़े में ब्रह्मचारियों के दीक्षा की प्रक्रिया शुरू की गई है। आदि गुरु शंकराचार्य की परंपरा से चतुर्नाम के ब्रह्मचारी इस अखाड़े में रहते हैं। प्रकाश, स्वरूप, चैतन्य और आनंद, जो एक-एक शंकराचार्य का प्रतिनिधित्व इस अखाड़े में करते हैं। चारों वेदों का अखाड़े में अध्ययन किया जाता है, जिससे वे समाज में जाएं और धर्म का प्रचार प्रसार करें।  श्री शंभू पंच अग्नि अखाड़ा के महामंडलेश्वर संपूर्णानंद महाराज ने बताया कि इस अखाड़े में लाखों ब्रह्मचारी हैं। जो यहां ब्रह्मचारी की दीक्षा लेने के लिए आयेगा, वह पहले अखाड़े की और सनातन धर्म की परंपराओं को समझेगा। जब अखाड़े के पंचों को लगता है कि वह ब्रह्मचारी बनने के लिए प...

बढ़ी सूर्य की कांति

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  स्नान ध्यान तिल दान का, पर्व मकर संक्रांति। शिशिर हेमंत की संधि में, बढ़ी सूर्य की कांति।। बढ़ी सूर्य की कांति, तेज धूप निखर आई। सूर्य किए प्रस्थान, दिशा उत्तर अब भाई।। रखें स्वास्थ का ध्यान, सुपाच्य खिचड़ी पकवान। पुण्य पर्व संक्रांति, करते हैं संगम स्नान।।                                                        जनक कुमारी सिंह बघेल

हिन्दी के सर्वांगीण विकास की आवश्यकता है-डॉ0 सूर्य प्रसाद दीक्षित

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  उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान द्वारा  एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन  लखनऊ,उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान द्वारा विश्व हिन्दी दिवस समारोह के शुभ अवसर पर दिन शुक्रवार 10 जनवरी, 2025 को एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन हिन्दी भवन के निराला सभागार लखनऊ में पूर्वाह्न 11.00 बजे से किया गया।  दीप प्रज्वलन, माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण, पुष्पार्पण के उपरान्त वाणी वंदना डॉ0 कामिनी त्रिपाठी द्वारा प्रस्तुत की गयी। सम्माननीय अतिथि- डॉ0 सूर्य प्रसाद दीक्षित, डॉ0 सुधाकर अदीब, डॉ0 कैलाश देवी सिंह, डॉ0 सूर्यकान्त का स्वागत स्मृति चिह्न भेंट कर श्री राज बहादुर, निदेशक, उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान द्वारा किया गया।  डॉ0 सूर्य प्रसाद दीक्षित ने कहा-हिन्दी के सर्वांगीण विकास की आवश्यकता है। हिन्दी भाषा को विश्व के विभिन्न देशों में प्रचार-प्रसार में गिरमिटिया मजदूरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मॉरीशस, सूरीनाम में गिरमिटिया मजदूरों ने हिन्दी भाषा को सम्पन्न और समृद्ध किया। प्रवासी भारतीयों ने हिन्दी भाषा व संस्कृति को बढ़ाने में अपना बहुत योगदान दिया है। वैश्विक चेतना के कारण ...

पीएम मोदी के सपने को साकार करने और भारत को एआई में वैश्विक केंद्र बनाने के करेगी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी लखनऊ करेगी काम-उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय

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चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी लखनऊ 2025-26 शैक्षणिक सत्र से 43 कार्यक्रमों में बहु-विषयक एआई संवर्धित शिक्षा करेगी प्रदान लखनऊ एससीआर में भारत के पहले एआई शहर में एआई-संवर्धित चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश कैंपस देश के शिक्षा परिदृश्य में लाएगा क्रांति लखनऊ: 06 जनवरी, 2025 चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (सीयू) द्वारा उत्तर प्रदेश के लखनऊ राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) के उन्नाव में अपनी तरह का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सक्षम अगली पीढ़ी का भविष्योन्मुखी कैंपस स्थापित करेगी ताकि 21वीं सदी के छात्रों की बदलती मांगों को पूरा करने के लिए एआई द्वारा संवर्धित बहु-विषयक शिक्षा प्रदान की जा सके। यह जानकारी पीएचडी चौंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा की गई, जहां उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने राज्यसभा सांसद और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू, कैपजेमिनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष मुकेश जैन, सीयू की प्रो-चांसलर प्रोफेसर हिमानी सूद और सीयू के प्रबंध निदेशक जय इंदर सिंह संधू की उपस्थिति में 2025-26 शैक्षणिक सत्र के लिए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी लखनऊ वेब पोर्टल ...

कारीगरों और बुनकरों का सम्मान जरूरी -राज्यपाल, श्रीमती आनंदीबेन पटेल

सरकार कला और कौशल के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध -मंत्री एम0एस0एम0ई0, श्री राकेश सचान ------- लखनऊ: 06 जनवरी, 2025         प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज कला एवं शोध को समर्पित उत्तर प्रदेश डिजाइन एवं शोध संस्थान, लखनऊ के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने संस्थान द्वारा कला, डिजाइन और शोध के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की और इसे प्रदेश के कारीगरों, बुनकरों और हस्तशिल्पियों के लिए महत्वपूर्ण बताया।        राज्यपाल जी ने कहा कि संस्थान के म्यूजियम और पुस्तकालय में कला प्रेमियों, शिक्षकों और शोधार्थियों के लिए उत्कृष्ट संकलन उपलब्ध है, जिसका लाभ केवल संस्थान से जुड़े प्रशिक्षणार्थी ही नहीं, बल्कि अन्य शैक्षणिक संस्थानों के छात्र-छात्राएं भी ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस संग्रहालय और पुस्तकालय का अधिक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए।         राज्यपाल जी ने कहा कि संस्थान द्वारा कारीगरों और बुनकरों को उन्नत तकनीकी और कौशल का प्रशिक्षण देकर उनके उत्पादों में आधुनिकता औ...

आधी आबादी के स्वावलंबन की मिशाल बनी बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनी

बुन्देलखण्ड में संचालित बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनी में 13 हजार से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी  प्रतिदिन 2.40 लाख लीटर दूध का किया जा रहा संग्रह  लखनऊ:06 जनवरी 2025 उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन, ग्राम्य विकास विभाग द्वारा प्रदेश में दीनदयाल अन्त्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के अंतर्गत आर्थिक एवं सामाजिक रूप से पिछड़ी ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूह एवं अन्य सामुदायिक संस्थाओं के माध्यम से संगठित करते हुए उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। आजीविका मिशन अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को विभिन्न प्रकार की कृषि एवं गैर-कृषि आधारित आजीविका से जोड़ते हुए उन्हें लखपति महिला बनाने हेतु  युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है, एवं विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जोड़ा जा रहा है ,ताकि वे सालाना कम से कम एक लाख या उससे अधिक की आय अर्जित कर सकें।   ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने की  दिशा में  ...

बुन्देलखण्ड़ बनाम विन्ध्यांचल प्रदेश : एक चिंतन

  राम औतार सिंह खंगार “ नीम मैन ” पूर्व सहायक महा प्रबंधक , नाबार्ड़ , मुम्बई   यह एक सर्वमान्य सत्य है कि देश के अंदर छोटे व कम क्षेत्रफल वाले प्रदेशों का विकास तेजी से हुआ है. विभिन्न विकास की गति दर्शानेवाले आकड़े भी इस बात की पुष्टि करते हैं. अत: देश के विकास की गति में तेजी लाने के लिए छोटे राज्यों का निर्माण अनिवार्य हो गया है. इसी कारण पिछड़े क्षेत्रों में विकास की गति में तीव्रता लाने के लिए स्थानीय बुध्दिजीवियों व सामाजिक तथा राजनीतिक सोच के लोगों ने अपने क्षेत्र के विकास हेतु , नये छोटे प्रदेशों के गठन की माँग हेतु अपने-अपने तर्क रखने की कोशिश कर रहे है. बुन्देलखण्ड़ का पिछड़ापन जग जाहिर है. इस पर मुझे किसी प्रकार के तर्क को रखने की जरूरत नहीं है. अत: इस क्षेत्र के विकास हेतु , इस क्षेत्र को एक अलग प्रदेश के रूप में गठित करना आवश्यक हो गया है. ताकि यहाँ के पिछड़ेपन व गरीबी को दूर किया जा सके. लेकिन इस प्रकार के नये प्रदेश के गठन की माँग भी कोई नयी बात नहीं है . “ बुन्देलखण्ड़ प्रदेश ” के गठन की माँग आजादी के पहले से ही उठती रही है. कुछ आंशिक सफलता “ विंध्य ...