राज्य सरकार के प्रयासों से राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश को कई सम्मान प्राप्त हुए

लखनऊ
राज्यपाल श्री राम नाईक ने कल यहां उत्तर प्रदेश विधान मण्डल के दोनों सदनों के वर्ष 2019 के प्रथम सत्र के समवेत अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अपराध एवं भयमुक्त तथा विकासोन्मुखी वातावरण सृजित कर कानून का राज स्थापित करना है। सरकार सभी वर्गों की उन्नति एवं उनके सर्वांगीण विकास के साथ-साथ राज्य की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक धरोहर को एक नई पहचान दिलाते हुए प्रदेश के गौरव को पुनस्र्थापित करने और उसमें उत्तरोत्तर वृद्धि हेतु प्रयासरत है। प्रदेश सरकार ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः’ के आदर्श को अपनाते हुए सभी वर्गों विशेष रूप से किसानों, गरीबों, वंचितों, शोषितों एवं समाज के अन्य उपेक्षित वर्गों के उन्नयन के लिए प्रतिबद्ध है।
राज्यपाल जी ने कहा कि गांव, गरीब, किसान नौजवान एवं महिलाओं सहित समाज के वंचित और उपेक्षित वर्गों का उत्थान राज्य सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश सरकार द्वारा संविधान की मूल भावना के अनुरूप बिना भेदभाव के प्रदेशवासियों को शासन की योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश की जनता के विकास के लिये उठाये गये सशक्त कदमों को आगे भी जारी रखते हुए राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प को साकार करेगी।
राज्यपाल जी ने कहा कि प्रदेश विधान मण्डल के वर्ष 2019 के दोनों सदनों का प्रथम सत्र ऐसे समय में प्रारम्भ हो रहा है जब प्रयागराज में कुम्भ का आयोजन चल रहा है। कुम्भ के भव्य और दिव्य आयोजन के लिए प्रदेश सरकार द्वारा केन्द्र सरकार के सहयोग से किये गये व्यापक प्रबन्धों से श्रद्धालुओं को इस पावन अवसर पर सुविधा, सुरक्षा तथा श्रद्धा-भक्ति से आप्लावित वातावरण प्राप्त हो रहा है। कुम्भ विश्व में मानवता का विशालतम समागम है। सरकार के आमंत्रण पर विभिन्न राष्ट्रों के प्रतिनिधि तथा प्रवासी भारतीय भी इस भव्य आयोजन के साक्षी बने हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयासों से यूनेस्को द्वारा कुम्भ के महत्व को देखते हुए इसे ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर’ की मान्यता प्रदान की गयी है। वर्तमान सरकार ने इलाहाबाद का नाम बदलकर सांस्कृतिक नाम ‘प्रयागराज’ का पुनस्र्थापित किया है। फैजाबाद का नाम भी परिवर्तित कर सांस्कृतिक नाम ‘अयोध्या’ पुनस्र्थापित किया गया है। इस बार कुम्भ में साढ़े चार सौ वर्षो में प्रथम बार श्रद्धालुओं को अक्षय वट और सरस्वती कूप का दर्षन प्राप्त हो रहा है। इस बार मेला क्षेत्र का विस्तार करने के साथ ही, कुम्भ मेले में 1,22,500 शौचालय बनाकर तथा पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मी तैनात कर स्वच्छ कुम्भ का संदेश दिया गया है।
‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना आदि की चर्चा करते हुए राज्यपाल जी ने कहा कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिये राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं चलाई जा रहीं हैं। ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ से प्रदेश के विभिन्न जनपदों के चिन्हित उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, स्थानीय कौशल के संरक्षण, आधुनिकतम तकनीक, उन्नत टूल-किट, वित्त पोषण एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर तक विपणन को बढ़ावा दिया जा रहा है। योजनान्तर्गत 78,000 लाभार्थियों को लगभग 7,500 करोड़ रूपये का ऋण वितरित किया गया। योजना से अब तक लगभग 4 लाख युवकों को रोजगार से जोड़ा गया है। आने वाले 5 वर्षों में इस योजना से 20 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
राज्य सरकार द्वारा ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ प्रदेश के पारम्परिक कारीगरों यथा बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनकर, सुनार, लोहार, कुम्हार, हलवाई, नाई, मोची, राज मिस्त्री के उत्थान के लिए प्रारम्भ की गयी है। योजना के तहत पारम्परिक कारीगरों को व्यवसायगत प्रशिक्षण, उन्नत टूल-किट प्रशिक्षण उपरान्त प्रमाण-पत्र प्रदान किये जा रहे हैं। इस योजना से परम्परागत उद्योगों को बढ़ावा तथा इनसे जुड़े कारीगरों के जीवन स्तर में सुधार आएगा। मिट्टी का कार्य करने वाले कारीगरों व शिल्पियों के व्यवसाय में वृद्धि के लिए ‘उत्तर प्रदेश माटी कला बोर्ड’ का गठन किया गया है।
राज्यपाल जी ने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश के किसानों के उत्थान व कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। कृषकों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए सक्रिय प्रयास किये गये हैं। मूल्य समर्थन योजना के अन्तर्गत 43 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद के साथ ही वर्ष 2018-19 में 11,27,195 कृषकों से 52.92 लाख मीट्रिक टन गेहूं की रिकार्ड खरीद करते हुए 72 घण्टे के अन्दर उन्हें 9,231.99 करोड़ रुपए का आॅनलाइन भुगतान किया गया।
वर्तमान सरकार द्वारा अब तक 52 हजार करोड़ रुपये का रिकार्ड गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा चुका है। इस वर्ष प्रदेश की कुल कार्यरत 117 चीनी मिलों में 1,112 लाख मी0 टन गन्ने की रिकार्ड पेराई से 120.50 लाख टन चीनी का उत्पादन किया गया है। डायरेक्ट बेनीफिट ट्रान्सफर (डी0बी0टी0) के माध्यम से अब तक 32.47 लाख किसानों को 657.19 करोड़ रुपये के कृषि अनुदान का सीधा भुगतान उनके खाते में किया गया है। वर्षों से लम्बित बाणसागर नहर परियोजना को पूर्ण कराया गया है। इससे 01 लाख 50 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचन क्षमता सृजित हुई तथा 01 लाख 70 हजार किसान लाभान्वित हुए।
राज्यपाल जी ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जनपद खुले में शौचमुक्त घोषित किये जा चुके हैं। ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम के अन्तर्गत अब तक 1.71 करोड़ ‘इज्जत घर’ का निर्माण कराकर राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश प्रथम स्थान पर है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अन्तर्गत अब तक 10.09 लाख आवासों का निर्माण कराया गया है। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना-सबके लिए आवास (शहरी मिशन) के अन्तर्गत 9.33 लाख आवास स्वीकृत हो चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना की स्थायी पात्रता सूची में छूटे हुए पात्र परिवारों को निःशुल्क आवास उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण संचालित की जा रही है। इसी योजना के तहत राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150वीं जयन्ती वर्ष पर प्रदेश के 3,791 कुष्ठ पीड़ितों को आवास देने का निर्णय लिया गया है
राज्यपाल जी ने कहा कि निवेश को प्रोत्साहित करने तथा व्यापक स्तर पर रोजगार के अवसर सुलभ कराने के उद्देश्य से गत वर्ष 21 व 22 फरवरी, 2018 को लखनऊ मंे इन्वेस्टर्स समिट-2018 का आयोजन किया गया। इसमें हस्ताक्षरित 4.68 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों में से 61 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की 81 परियोजनाओं का शिलान्यास दिनांक 29 जुलाई, 2018 को लखनऊ में सम्पन्न ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी में प्रधानमंत्री जी द्वारा किया गया। प्रदेश में उद्योगों की स्थापना हेतु संचालित सिंगल विण्डो पोर्टल ‘निवेश मित्र’ से 20 विभागांे की 70 सेवाएं आॅनलाइन प्रदान की जा रही हैं।
श्री नाईक ने कहा कि पूर्वान्चल क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए लखनऊ से गाजीपुर तक लगभग 341 किलोमीटर लम्बाई वाले पूर्वान्चल एक्सप्रेस-वे का निर्माण प्रदेश के वित्तीय स्रोतों से कराया जा रहा है। इससे गोरखपुर को जोड़ने के लिए गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे तथा बुन्देलखण्ड को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए 296 किलोमीटर लम्बे बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण भी कराया जाएगा।
राज्यपाल जी ने कहा कि 29 जनवरी, 2019 को प्रयागराज में मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की गयी। इस बैठक में प्रदेष के पष्चिमी भाग (मेरठ) को पूर्वी भाग (प्रयागराज) से जोड़ने के लिए ‘गंगा एक्सप्रेस-वे’ के निर्माण हेतु सैद्धान्तिक सहमति प्रदान की गई है। यह एक्सप्रेस-वे मेरठ, अमरोहा, बुलन्दषहर, बदायूं, षाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, हरदोई, कन्नौज, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ एवं प्रयागराज जनपदों से होकर गुजरेगा। 4-लेन एक्सपेन्डेबल टू 6-लेन एक्सेस कण्ट्रोल्ड ग्रीन-फील्ड गंगा एक्सप्रेस-वे की लम्बाई लगभग 600 कि0मी0 होगी। वर्तमान सरकार प्रधानमंत्री जी द्वारा घोषित डिफेंस इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन हेतु प्रतिबद्ध है। इस हेतु भूमि भी चिन्हित की जा चुकी है।
श्री नाईक जी ने कहा कि प्रदेश की जनता को बेहतर एवं विशेषीकृत (स्पेशलाइज्ड) चिकित्सा सुविधा के लिए देवरिया, सिद्धार्थनगर, गाजीपुर, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, फतेहपुर, हरदोई तथा एटा जनपदों के जिला चिकित्सालयों को उच्चीकृत कर 8 नवीन मेडिकल काॅलेजों का निर्माण कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत विभिन्न मेडिकल काॅलेजों में सुपर स्पेशियलिटी ब्लाॅक बनाये जा रहे हैं। एस0जी0पी0जी0आई0, लखनऊ में इस वर्ष अनेक नई चिकित्सा सुविधाएं प्रारम्भ की गयी हैं। यहां स्थित ट्राॅमा सेन्टर को 60 शैय्या से बढ़ाकर 200 शैय्या किये जाने की योजना है। माह फरवरी में यहां देश की पहली रोबोटिक सर्जरी का भी शुभारम्भ किया जा रहा है।
डा0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ के द्वितीय चरण के विस्तार में 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय का निर्माण प्रस्तावित है। भारत रत्न श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृति में लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना का निर्णय लिया गया है। इसका अधिनियम अधिसूचित किया जा चुका है। शीघ्र ही, इस विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य प्रारम्भ होगा, इसके बन जाने से प्रदेश के सभी राजकीय व निजी मेडिकल काॅलेजों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार आयेगा एवं एक समान शैक्षणिक कैलेंडर (यूनीफार्म एकेडमिक कैलेंडर) भी लागू हो सकेगा। जनपद बलरामपुर में के0जी0एम0यू0, लखनऊ के सैटेलाइट कैंपस की भी स्थापना की जा रही है।
राज्यपाल जी ने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध कराये जाने हेतु कृत संकल्प है। दिमागी बुखार से अति प्रभावित जनपदों में ब्लाक स्तर के जिला चिकित्सालयों तक चिकित्सा सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण किया गया है। परिणामस्वरूप प्रदेश में वर्ष 2017 की तुलना में दिमागी बुखार के कुल रोगियों की संख्या 63 प्रतिशत तथा रोगी मृत्यु की दर में 58 प्रतिशत की कमी हुई है।
गरीब परिवारों को गम्भीर बीमारियों के निःशुल्क उपचार हेतु आयुष्मान भारत योजना में प्रति परिवार 05 लाख रुपये प्रतिवर्ष की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। इस योजना में अब तक 13,81,720 गोल्डन कार्ड बनाये जा चुके हैं तथा 28,196 मरीजों का निःशुल्क इलाज किया गया है। वर्ष 2016 की तुलना में वर्ष 2018 में प्रदेश में पूर्ण प्रतिरक्षित बच्चों का प्रतिशत 74 से बढ़कर 82 प्रतिशत हुआ है। वर्ष 2017 की तुलना में वर्ष 2018 में प्रदेश के चिकित्सालयों में उपचारित वाह्य रोगियों की संख्या 44 प्रतिशत तथा अंतः रोगियों की संख्या में 49 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
राज्यपाल जी ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में वर्ष 2018-19 में ‘‘स्कूल चलो अभियान’’ के अन्तर्गत छात्र नामांकन 157.91 लाख हुआ। नामांकन में कुल 3.92 लाख की वृद्धि हुई। छात्र शिक्षक अनुपात वर्तमान में प्राथमिक स्तर पर 29ः1 तथा उच्च प्राथमिक स्तर पर 23ः1 है। 68,500 पदों पर शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया के अन्तर्गत 41,556 शिक्षकों ने कार्यभार ग्रहण किया है। इसके साथ ही शिक्षकों के 69 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रारम्भ हो चुकी है।
शैक्षिक सत्र में न्यूनतम 220 शैक्षिक कार्य दिवस निर्धारित किये गये हैं। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए समस्त राजकीय इण्टर काॅलेजों (बालक) में सह-शिक्षा की व्यवस्था की गयी है। शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े 191 विकास खण्डों में बालिका छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। मेधावी विद्यार्थियों के निजी ग्राम तक सम्पर्क मार्ग ‘गौरव पथ’ का निर्माण भी कराया जा रहा है। विश्वविद्यालयीन शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता और छात्राओं की संख्या में सराहनीय प्रगति हुई है। इन विश्वविद्यालयों में 59,00,721 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं, 2018-2019 के दीक्षान्त समारोह में 12,78,985 विद्यार्थियों को उपाधियाॅ दी गयीं, जिसमें छात्राओं की संख्या 7,14,764 यानी 56 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अन्तर्गत 4.83 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करते हुए 2,72,768 को सेवायोजित कराया गया है।
श्री नाईक जी ने कहा कि वर्तमान सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए कृत संकल्प है। वर्तमान सरकार द्वारा 37,37,415 वृद्धजनों को वृद्धावस्था पेंशन, 20,98,629 निराश्रित महिलाओं को विधवा पेंशन व 9,73,046 दिव्यांगजनों को दिव्यांग पेंशन प्रदान की गयी है। वृद्ध एवं अशक्त महिलाओं को आश्रय प्रदान करने हेतु वृन्दावन में आश्रय सदन ‘कृष्ण कुटीर’ का संचालन प्रारम्भ किया गया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक वर्ग के 47,54,386 छात्र-छात्राओं को रू0 3,348.20 करोड़ की छात्रवृत्ति वित्तीय वर्ष 2018-2019 वितरित की गयी है। कन्याओं के विवाह हेतु मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का शुभारम्भ किया गया है। इसकी पात्रता हेतु आय सीमा बढ़ाकर 02 लाख रुपये वार्षिक की गयी है। उज्ज्वला योजना के अन्तर्गत अब तक 98,71,389 गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन वितरित किये गये हैं।
राज्यपाल जी ने कहा कि वर्तमान सरकार विद्युत के क्षेत्र में सुधार हेतु प्रतिबद्ध है। 22 माह की अवधि में प्रदेश में अब तक सर्वाधिक रिकाॅर्ड नये 94 लाख विद्युत संयोजन दिये गये। दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अन्तर्गत दिसम्बर, 2018 तक 1.5 लाख मजरों को विद्युतीकृत किया गया है। उजाला योजना के अन्तर्गत दिसम्बर, 2018 तक लगभग 3.4 करोड़ एल0ई0डी0 बल्ब वितरित किये गये हैं।
श्री नाईक जी ने कहा कि प्रदेश के ऐसे तहसीलध्ब्लाक मुख्यालय जो दो लेन चैड़े मार्गो से नहीं जुड़े हैं, को चरणबद्व रूप से दो लेन चैड़े मार्गों से जोड़ा जा रहा है। अन्तर्राज्यीयध्अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर पड़ने वाले मार्गो के चैड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य भी कराया जा रहा है। वर्तमान सरकार ने अन्तर्राज्यीय परिवहन सेवाओं को सुगम एवं सुदृढ़ बनाने के लिये राजस्थान, उत्तराखण्ड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर राज्य के साथ उत्तर प्रदेश द्वारा पारस्परिक परिवहन करार सम्पादित किया है। इसके अतिरिक्त अन्तर्राष्ट्रीय परिवहन सेवा उपलब्ध कराते हुए अयोध्या से जनकपुर (नेपाल) तक की बस सेवा का शुभारम्भ किया गया है।
राज्यपाल जी ने कहा कि लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के द्वितीय चरण का कार्य 31 मार्च, 2019 तक पूर्ण कर उसे शीघ्र संचालित करने की योजना है। गाजियाबाद मेट्रो परियोजना का विस्तार कार्य पूर्ण कराकर इसका व्यावसायिक संचालन प्रारम्भ कर दिया गया है। कानपुर, आगरा एवं मेरठ में मेट्रो रेल सेवा का डी0पी0आर0 प्रस्ताव भारत सरकार को अनुमोदन हेतु प्रेषित कर दिया गया है। वाराणसी, प्रयागराज एवं गोरखपुर में मेट्रो परियोजनाओं का कार्य केन्द्र सरकार की नई मेट्रो नीति के अनुरूप प्रगति पर है।
प्रदेश में वायुसेवा के विस्तार के लिए ‘उत्तर प्रदेष नागर विमानन प्रोत्साहन नीति’ प्रख्यापित की गई है। प्रदेश में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, प्रयागराज, गोरखपुर तथा कानपुर हवाई अड्डों से नियमित वायुसेवा उपलब्ध है। इसके अलावा, 09 हवाई अड्डों का विकास किया जा रहा है। जनपद गौतमबुद्धनगर के जेवर में ‘नोएडा इन्टरनेषनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट’ की स्थापना का कार्य भी राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता पर कराया जा रहा है।
श्री नाईक जी ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था में आशातीत सुधार हुआ है। अब प्रदेश में आम आदमी को कोई भय नहीं है। महिलाओं को रात में भी घर से बाहर निकलने में डर नहीं लगता। प्रदेश में अपराधियों के विरूद्ध संचालित अभियान के परिणाम स्वरूप गम्भीर अपराधों में विगत वर्ष की तुलना में भारी गिरावट आई है। शातिर अपराधियों के साथ कुल 3,285 पुलिस कार्यवाही के प्रकरणों में 7,626 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिसके दौरान 946 अभियुक्त घायल हुए तथा 73 अपराधी मारे गये। इस कार्यवाही में 576 पुलिस कर्मी घायल हुए तथा 4 जवान शहीद हुए।
राज्यपाल जी ने कहा कि पुलिस बल में वृद्धि के लिए 1,23,619 आरक्षियों व समकक्ष पदों में भर्ती की कार्यवाही शुरू की गयी है। इसमें से 27 हजार आरक्षी व समकक्ष पदों के कर्मी प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके हैं एवं 2,317 पुलिस कर्मी प्रशिक्षणाधीन हैं। 42,000 कर्मियों की भर्ती के लिए परीक्षा सम्पन्न की जा चुकी है तथा शीघ्र ही इनका परिणाम घोषित किया जायेगा। शेष लगभग 50,000 कर्मियों के लिए परीक्षा आयोजित की जा चुकी है।
श्री नाईक जी ने कहा कि प्रदेश में दैवीय तथा अन्य आपदाओं में राहत पहुँचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एन0डी0आर0एफ0) की तर्ज पर राज्य आपदा मोचन बल (एस0डी0आर0एफ0) की 03 कम्पनियाॅ क्रियाशील की जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त 03 अन्य कम्पनियों के गठन की कार्यवाही प्रचलित है। पुलिस के शहीदों को दी जाने वाली अनुग्रह धनराशि को 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख रुपये किया गया तथा उनके माता-पिता को दी जाने वाली धनराशि को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है।
राज्यपाल जी ने कहा कि वाराणसी में 21 से 23 जनवरी, 2019 तक 15वां प्रवासी भारतीय दिवस आयोजित किया गया। इसका शुभारम्भ प्रधानमंत्री जी तथा समापन मा0 राष्ट्रपति जी द्वारा किया गया। इस आयोजन की विशेषता यह रही कि वर्ष 2003 में जब से प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन आरम्भ हुआ, तब से यह पहली बार उत्तर प्रदेश में हुआ। यह आयोजन पहली बार प्रदेश की राजधानी के बाहर भी हुआ है।
श्री नाईक जी ने कहा कि विश्व पटल पर प्रदेश को नई पहचान देते हुए, राज्य सरकार ने पर्यटन की अवधारणा को एक नया कलेवर प्रदान किया है। प्रदेश सरकार, केन्द्र सरकार के सहयोग से ‘प्रासाद योजना’ एवं ‘स्वदेश दर्शन योजना’ के अन्तर्गत, अयोध्या सहित मथुरा-वृन्दावन, गोरखपुर, प्रयागराज, नैमिषारण्य, वाराणसी, विन्ध्याचल आदि स्थलों का पर्यटन विकास करा रही है। अयोध्या में गत वर्ष आयोजित किये गये दीपोत्सव में 3 लाख 31 हजार दीप जलाकर गिनीज वल्र्ड रिकाॅर्ड बनाया गया है।
राज्यपाल जी ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयास से उत्तर प्रदेश तेजी से विकास पथ पर आगे बढ़ा है और नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। गेहूँ, गन्ना, आलू, दुग्ध एवं दुग्ध जन्य उत्पाद सहित प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), स्वच्छ भारत मिशन में शौचालय निर्माण तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना में देश में प्रदेश का प्रथम स्थान है। इसी प्रकार, सौभाग्य योजना में विद्युत संयोजन, कौशल विकास नीति को लागू करने तथा डी0बी0टी0 के माध्यम से कृषि निवेशों पर अनुदान के भुगतान में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है।
राज्य सरकार के प्रयासों से राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश को कई सम्मान प्राप्त हुए हैं। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रदेश को प्रथम बार 12 राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। राज्य को तिलहन की सर्वश्रेष्ठ उत्पादकता एवं उत्पादन के लिए ‘कृषि कर्मण पुरस्कार’, ई-टेण्डरिंग प्रणाली में सर्वोत्तम परफाॅर्मेन्स के लिए ‘बेस्ट परफाॅर्मेन्स अवाॅर्ड’, स्टेट स्टार्ट-अप रैंकिंग 2018 के अन्तर्गत ‘एस्पायरिंग लीडर’ का सम्मान आदि भी प्राप्त हुआ है।
श्री नाईक जी ने कहा कि विधान मण्डल के वर्तमान सत्र में सदस्यों के समक्ष वर्ष 2019-2020 के वित्तीय वर्ष के लिए आय-व्ययक के साथ ही कुछ अन्य विधेयक प्रस्तुत किए जायेंगे। राज्यपाल जी ने अपेक्षा की कि प्रदेश की समस्त जनता के हित में सभी सदस्य राज्य सरकार का सहयोग कर जनाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए दलीय निष्ठा से ऊपर उठ कर विस्तृत विचार-विमर्श कर समाधान निकालेंगे। वर्ष 2019 के लोक सभा का चुनाव के दृष्टिगत उन्होंने सभी मतदाताओं से आग्रह किया कि संविधान द्वारा प्रदत्त मताधिकार का प्रयोग कर अधिक से अधिक मतदान करें। साथ ही, राजनैतिक पार्टियां और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े हुए अधिकारी, कर्मचारी, कानून-व्यवस्था से जुडे़ हुए पुलिस और सशस्त्र सेना के अधिकारी तथा सैनिक अपने दायित्व के अनुसार कार्य करके चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराएं।


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