भारत की सनातन परम्परा ने सेवा को ही धर्म माना: मुख्यमंत्री

लखनऊ: 28 नवम्बर, 2019

भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द जी ने आज वृन्दावन, मथुरा में रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम चैरिटेबिल हाॅस्पिटल के 'सारदा ब्लाॅक' का उद्घाटन करते हुए कहा कि इस संस्था द्वारा गरीब जनता को बीमारियों से मुक्त करने के लिए समर्पण भाव से कार्य किया जाता है। उन्होंने कहा कि बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति प्रायः मानसिक रूप से अशांति महसूस करता है। ऐसी स्थिति में शारीरिक व्याधियों का निवारण अत्यन्त आवश्यक हो जाता है। उन्होंने कहा कि वृन्दावन की इस पवित्र भूमि पर 112 वर्ष से रोगियों की सेवा करने वाला रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम एवं इससे जुडे़ सभी लोग अपनी सेवाओं के लिए बधाई के पात्र हैं।
राष्ट्रपति जी ने कहा कि सेवा की भावना एवं 'नर सेवा नारायण की सेवा' का मंत्र देने वाले स्वामी विवेकानन्द जी से वे सदा प्रभावित रहे हैं। उन्हें अप्रैल, 2017 में इस सेवाश्रम में लैब के उद्घाटन के समय यहां के लोगों द्वारा रोगियों की सेवा को प्रत्यक्ष देखने का अवसर प्राप्त हुआ था। इस सेवाश्रम द्वारा एक वर्ष में 322 हृदय रोगियों की चिकित्सा अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
राष्ट्रपति जी ने कहा कि इस संस्था में महात्मा गांधी, नेता जी सुभाष चन्द्र बोस, डाॅ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं पूर्व राष्ट्रपति डाॅ0 एस0 राधाकृष्णन जैसे महान लोगों का योगदान रहा है। यह सेवाश्रम आज से 112 साल पहले चार बिस्तर के अस्पताल से प्रारम्भ हुआ था, किन्तु आज यह एक पूर्ण विकसित एवं आधुनिक अस्पताल है। इसमें एक वर्ष में 5 लाख 50 हजार लोगों ने स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया है।
राष्ट्रपति जी ने कहा कि इस अस्पताल में अनेक सुविधायें उपलब्ध हैं। कैंसर वाॅर्ड, कैंसर आॅपरेशन थियेटर, महिला सर्जिकल वाॅर्ड, नवजात सघन चिकित्सा इकाई आदि के माध्यम से गरीब और कमजोर लोगों को अच्छी चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो रही है। देश-विदेश में रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के 200 से अधिक केन्द्र स्वामी विवेकानन्द जी की मानव सेवा एवं नर सेवा की भावना पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द जी सामाजिक बराबरी और न्याय के पक्षधर थे। स्वामी विवेकानन्द जी द्वारा अपनी गुरु माता का बहुत अधिक सम्मान किया जाता था। आज से 10 दिन पश्चात गुरु माता की 167वीं जयन्ती रामकृष्ण मिशन सेवाश्रमों में बनायी जायेगी। यह महिलाओं और स्वामी विवेकानन्द जी का अपनी गुरु माता के प्रति सम्मान का अवसर होगा।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल जी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करना प्रत्येक मनुष्य का अधिकार है। एक स्वस्थ व्यक्ति ही देश के विकास में अपना सहयोग प्रदान कर सकता है। हमारी संस्कृति है कि सभी सुखी हों और सभी निरोगी हों। प्रधानमंत्री जी द्वारा वंचित एवं गरीब लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आयुष्मान भारत योजना लागू की गयी है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द जी द्वारा भारत की संस्कृति, सहिष्णुता और आध्यात्मिकता का परिचय पूरे विश्व के सामने रखा गया था। स्वामी जी ने एक ऐसे समाज की कल्पना की थी, जिसमें धर्म और जाति के आधार पर समाज में भेदभाव न हो।
राज्यपाल जी ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द जी ने अपने गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस के नाम पर इस संस्था को शुरू किया था। रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम द्वारा अपने अनेक मठों के माध्यम से निःस्वार्थ सेवा का कार्य किया जा रहा है। स्वामी विवेकानन्द जी द्वारा अपने गुरु परमहंस जी की मानवता वादी सोच को दूर-दूर तक फैलाया गया। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह अस्पताल गरीब एवं कमजोर लोगों को चिकित्सा भविष्य में भी उपलब्ध कराता रहेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि भारत की सनातन परम्परा ने सेवा को ही धर्म माना है। तुलसीदास जी ने लिखा था कि 'परहित सरिस धर्म नहिं भाई'। उन्हांेने कहा कि स्वामी विवेकानन्द जी ने अपने गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस जी के मानव सेवाभाव को आगे बढ़ाया और धर्म को सेवा के साथ जोड़कर लोक कल्याण का माध्यम बनाया है। इसका प्रतिबिम्ब रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम से देखने को मिलता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्री बांके बिहारी जी की इस पावन भूमि पर कैंसर से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए भरोसेमंद इलाज उपलब्ध हो जाय तो इससे बड़ा मानव कल्याण का कार्य कोई दूसरा नहीं हो सकता। यह ईश्वर की सबसे बड़ी पूजा है। उन्होंने संस्था एवं उससे जुडे़ कार्यकर्ताओं तथा ब्रजक्षेत्र की जनता को बधाई देते हुए कहा कि अब उनके क्षेत्र में कैंसर के इलाज हेतु एक बेहतरीन केन्द्र स्थापित हो गया है।
मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा लागू की गयी आयुष्मान भारत योजना की चर्चा करते हुए कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार के पास प्रत्येक व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए साधन मौजूद हैं। इस प्रकार की संस्था को स्थापित करना जनहित में है, जिसके माध्यम से लोगों को कैंसर जैसे रोग का इलाज सुलभ हो सकता है। ऐसी संस्थाओं को स्थापित करने में सरकार के साथ-साथ अन्य धर्मार्थ संस्थाओं का भी बड़ा योगदान रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम एवं उससे जुडे़ व्यक्तियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह अस्पताल कैंसर के मरीजों को बीमारी से लड़ने और स्वस्थ होने में बड़ी भूमिका निभायेगा। उन्होंने संस्था के सहायक महासचिव तत्व विद्यानन्द जी महाराज एवं उपस्थित संतांे तथा चिकित्सकों को उनके सेवाभाव के लिए धन्यवाद दिया।
--------------


इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सबसे बड़ा वेद कौन-सा है ?