गांधियन कलेक्टिव द्वारा बिहार के चंपारण से 5 जून से 2 अक्टूबर तक चलने वाले सत्याग्रह के समर्थन में 96 सत्याग्रही में एक काशी के डा0 लेनिन रघुवंशी बैठे एक दिवसीय उपवास पर


वाराणसी, गांधियन कलेक्टिव द्वारा बिहार के चंपारण से 5 जून से पर्यावरण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसानों और मजदूरों को बचाने के लिए सत्याग्रह के तहत उपवास का आयोजन चल रहा है | यह सत्याग्रह महात्मा गांधी जी के जन्मदिन 2 अक्टूबर तक चलेगा | यह सत्याग्रह के समर्थन में देश के विभिन्न शहरो लोग उपवास रहकर इस सत्याग्रह का समर्थन कर रहे है | गांधियन कलेक्टिव की इस सत्याग्रह के 96 सत्याग्रही है जिनमे से एक काशी निवासी डा0 लेनिन रघुवंशी भी है | डा0 लेनिन रागुवंशी अपने गांधीवादी और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी दादा श्री शान्ति कुमार सिंह को याद करते हुए महात्मा गांधी, बाबा भीम राव अम्बेडकर जी, माननीया सावित्री बाई फुले, नेल्सन मंडेला और मार्टिन लूथर किंग के संघर्ष को इंसानियत और पर्यावरण बचाने का सबसे बड़ा रास्ता बताया |


आज सुबह 8 बजे से डा0 लेनिन उपवास पर बैठे है यह उपवास कल सुबह 8 बजे समाप्त होगा | उनके इस उपवास के समर्थन में मानवाधिकार जननिगरानी समिति के सभी साथी उनके साथ इस सत्याग्रह में समर्थन दिया है | इसके साथ ही वाराणसी के अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओ ने भी अपना समर्थन दिया है |


इसके साथ ही आज ही डा0 लेनिन को अंग मदद फाउंडेशन द्वारा तिलका मांझी राष्ट्रीय सम्मान 2020 देने की घोषणा भी की है। 


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