जिलाधिकारी ने जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केन्द्र,व कम्पोजिट विद्यालय परिषदीय आदर्श व गौहनिया तालाब का किया गया औचक निरीक्षण

पीलीभीत । जिलाधिकारी  पुलकित खरे द्वारा बुधवार को जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र का औचक निरीक्षण किया गया निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा कोविड हेल्प डेस्क पर थर्मल स्क्रीनिंग व पल्स ऑक्सीमीटर न मिलने के कारण जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी को चेतावनी देने के निर्देश दिये गये। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा कोविड हेल्पडेस्क को सक्रिय करने व कार्यालय की साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिये गये। जिलाधिकारी द्वारा दिव्यांगजनो की आवश्यकतानुसार सहायक उपकरण के रूप में ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, वैशाखी, वाॅकिंग स्टिक, नेत्रहीन छड़ी एवं श्रवण यंत्र सहित अन्य जानकारी प्राप्त की गई। इसके साथ ही साथ जिलाधिकारी द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याणर्थ हेतु विधानसभा वार लगाए जा रहे परीक्षण/चिन्हांकन शिविरों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए गए। निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों की उपस्थिति के के सम्बन्ध में दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि पूरनपुर में आयोजित शिविर में सभी कर्मचारी गये हुये हैं। निरीक्षण के दौरान जिला दिव्यांगजन अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि लैब हेतु बजट का आवंटन कई वर्षो से न होने कारण दिव्यांगजनों से संबंधित उपकरणों का निर्माण कार्य सम्भव नही हो पा रहा है इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा शासन को पत्र प्रेषित किए जाने के संबंध में निर्देशित किया गया। 
इसके उपरान्त जिलाधिकारी द्वारा कम्पोजिट विद्यालय परिषदीय आदर्श नगर क्षेत्र व जिला पंचायत विभाग के द्वारा निर्मित जर्जर भवनों व खाली भूमि का निरीक्षण करते हुये  नजरी नक्शा तैयार करने के निर्देश तहसीलदार सदर को दिये गये और साथ ही साथ भवनों के सम्बन्ध में पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये। निरीक्षण के दौरान पास स्थित कम्पोजित विद्यालय परिषदीय आदर्श का निरीक्षण करते हुये अध्यापकों की उपस्थिति की जांच की गई, उपस्थित शिक्षामित्र  शान्ति व आरती उपस्थित पायी गई शिक्षामित्र द्वारा अवगत कराया गया कि छात्रों को ड्रेस का वितरण किया जा चुका है और नियमित खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। 
जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केन्द्र के निरीक्षण के दौरान गौहनिया तालाब का निरीक्षण कर जायजा लिया गया। इस दौरान जिलाधिकारी तालाब का सौन्र्दीयकरण कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किये जाने के सम्बन्ध में अधिशासी अधिकारी द्वारा भेजे गये प्रस्तावों के बारे में जानकारी प्राप्त की गई। इस दौरान तहसीलदार सदर व अधिशासी अधिकारी नगर को निर्देशित किया गया कि तालाब का नजरी नक्शा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे और जिसमें तालाब में शहर से आकर गिरने वाले नालों का उल्लेख किया जाये। उन्होंने कहा कि शासन को प्रेषित प्रोजेक्ट की पत्रावली उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि तालाब को पर्यटन स्थल के रूप विकसित करने के लिए अच्छा स्थल है और शीघ्र ही इस सम्बन्ध में कार्यवाही सुनिश्चित की जाये तथा तालाब में आने वाले वैकल्पिक स्थिति के बारे में भी तैयारियां कर ली जाये, जिससे तालाब पर्यटन के रूप में विकसित होने पर गन्दा पानी न आने पाये।   
निरीक्षण के दौरान जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के0पी0सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका  निशा मिश्रा, तहसीलदार सदर सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।



इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

बिहार में स्वतंत्रता आंदोलन : विहंगम दृष्टि

सरकारी पद पर कोई भर्ती नहीं होगी केंद्र सरकार ने नोटिस जारी कर दिया

शौंच को गई शिक्षिका की दुष्कर्म के बाद हत्या