पत्रकार, तीन बार काबीना मंत्री रहे, स्वतंत्रता सेनानी , श्री जमुना प्रसाद बोस राजकीय सम्मान के साथ लखनऊ में अंतिम सस्कार


लखनऊ, अगस्त 8 : वयोवृद्ध श्रमजीवी पत्रकार, उत्तर प्रदेश शासन में तीन बार काबीना मंत्री रहे, स्वतंत्रता सेनानी (1942) तथा लोकतंत्र प्रहरी (1975-77), श्री जमुना प्रसाद बोस की अंतिम रस्म आज प्रातः पूरे राजकीय सम्मान के साथ लखनऊ के विद्युत् शवदाह गृह में पूरी की गयी| उनका लखनऊ के लोहिया कोविद अस्पताल में कल निधन हो गया था| वे 95 वर्ष के थे| उनके तीन पुत्र हैं|


श्री बोस बांदा में लखनऊ के दैनिक “नेशनल हेराल्ड” तथा ‘नवजीवन’ के 40 वर्ष तक बुन्देलखण्ड संवाददाता रहे| “भारत छोडो आन्दोलन” (1942) तथा आपातकाल (1975-77)  में वे जेल में रहे| उनका जन्म निगम परिवार में हुआ था| नेताजी सुभाष चन्द्र बोस से निकटता के कारण उनका उपनाम “बोस” पड़ गया| राजनीतिक तथा वित्तीय इमानदारी में बोस जी का उदाहरण बेजोड़ था| चार बार विधायक और तीन बार काबीना मंत्री रहकर भी वे आजीवन किराए के दो कमरों वाले आवास में ही रहे| समाजवादी नेता शिवपाल सिंह यादव द्वारा घर बनवा देने का प्रस्ताव बोस जी ने अस्वीकार कर दिया था| 


बोस जी इंडियन फेडरशन ऑफ़ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के चार दशकों तक निर्वाचित राष्ट्रीय पार्षद रहे| वे यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन के पचास वर्षों तक सदस्य रहे| उन्होंने चित्रकूट में 2 अक्टूबर 1978 (गाँधी जयंती) के दिन नेशनल कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ न्यूज़पेपर्स एण्ड न्यूज़ एजेंसीज एम्प्लाइज के स्थापना-अधिवेशन को आयोजित किया था| इसका उद्घाटन (मोरारजी काबीना में पेट्रोल मंत्री) श्री हेमवती नंदन बहुगुणा ने किया था| समाचारपत्र तथा संवाद समिति श्रमिकों के इस सम्मेलन में IFWJ, आल इंडिया न्यूज़पेपर्स एम्प्लाइज फेडरशन (AINEC) तथा पीटीआई एम्प्लाइज फेडरशन शामिल थे| 


बोस जी के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तथा शिवपाल सिंह यादव आदि ने शोक व्यक्त किया|


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