योगी सरकार में कामयाबी की इबारत लिखते सुरेश कुमार खन्ना

 


उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सरकार के वित्त एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, अपनी कार्यकुशलता और अनुभव के कारण विधान सभा के भीतर और बाहर प्रमुख भूमिका में दिख रहे है।अपने निर्वाचन क्षेत्र शाहजहांपुर से लगातार 8 बार विजयी हुए हैं । जन के मन को पढने की खूबी कारण अपनी विधान सभा क्षेत्र अपराजेय योद्धा ने अभी हाल में ही हड़ताली बिजली कर्मियों की हड़ताल को समाप्त करवाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ये बिजली हड़ताल इस स्तर पर पहुँच चुकी थी कि राजधानी लखनऊ में कई प्रमुख मंत्रियों तक को कुछ घंटे अंधेरे में गुजारने पड़े थे। तब सीएम योगी को एक उप केबिनेट समिति गठित करनी पड़ी थी। इस समिति में वरिष्ठ मंत्री सुरेश खन्ना भी शामिल थे। कहा जाता है कि योगी सरकार के कुशल वार्ताकार, रणनीतिकार सुरेश कुमार खन्ना की वजह से ही यह हड़ताल खत्म हो पाई थी।कोरोना महामारी से प्रदेश की आर्थिक गतिविधियां अप्रैल से जुलाई तक प्रभावित हुईं। लेकिन, जुलाई-अगस्त से शुरू सुधार का सिलसिला सितंबर में और बेहतर रहा है।उत्तर प्रदेश के वित्त, संसदीय कार्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री  सुरेश कुमार खन्ना ने बीते दिनों योजना भवन में मीडिया प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए कहा कि कोविड-19  के संक्रमण के कारण प्रभावित हुई आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाते हुए पूर्व की भांति तेजी से संचालित किया जा रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष के माह जुलाई, अगस्त में आर्थिक गतिविधियों के बेहतर होने का सिलसिला सितम्बर, 2020 में भी जारी रहा और राजस्व का संग्रह भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सितम्बर, 2019 के सापेक्ष सितम्बर, 2020 में प्रदेश सरकार के कर राजस्व  महत्वपूर्ण मदों में 890.26 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। उन्हांेने बताया कि प्रमुख कर राजस्व वाले मदों में वित्तीय वर्ष 2020-21 के सितम्बर, माह में कुल 9334.17 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जबकि वर्ष 2019-20 के इसी माह में 8443.91 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। सितम्बर, 2020 में विभिन्न मुख्य मदों के अन्तर्गत कुल 9516.50 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहीत हुआ है जबकि सितम्बर, 2019 में इन मदों के अन्तर्गत कुल 8564.80 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
वित्त मंत्री ने कहा कि जी0एस0टी0ध्वैट के तहत सितम्बर, 2019 में 4998.02 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई थी। सितम्बर, 2020 में इस मद में राजस्व संग्रह बढ़कर 5325.34 करोड़ रुपये हो गया है। माह सितम्बर, 2020 में जी0एस0टी0 के तहत 3680.25 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह हुआ है। इसमें एस0जी0एस0टी0 से प्राप्त 1695.81 करोड़ रुपये तथा आई0जी0एस0टी0 से प्राप्त 1984.44 करोड़ रुपये का राजस्व सम्मिलित है।
वित्त मंत्री ने कहा कि वैट के अन्तर्गत जहां सितम्बर, 2019 में 1538.12 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था वहीं सितम्बर, 2020 में इस मद में राजस्व संग्रह बढ़कर 1645.09 करोड़ रुपये हो गया है। इसी प्रकार आबकारी के अन्तर्गत सितम्बर, 2019 में 1810.95 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहीत हुआ था जबकि सितम्बर, 2020 में इस मद में बढ़ोत्तरी दर्ज करते हुए 2140.61 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। स्टाम्प तथा निबन्धन के अन्तर्गत माह सितम्बर, 2020 की प्राप्तियां 1428.88 करोड़ रूपये है जबकि माह सितम्बर, 2019 में इस मद में प्राप्ति 1170.83 करोड़ रूपये थी।  करेत्तर  राजस्व की प्रमुख मद भू.-तत्व एवं खनिकर्म में सितम्बर, 2019 में 120.89 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था जबकि सितम्बर, 2020 में इस मद में 182.33 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई है, जो कि सितम्बर, 2019 में संग्रहीत राशि से अधिक है। कोरोना महामारी के भयावह दौर में प्रदेश के मेडीकल कालेज तथा सुपर चिकित्सा  केन्द्रो पर कोविड वेडों की सख्या बडाने से लेकर अन्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इच्छा को धरातल पर उतार कर जता दिया है कि मन से काम करने पर कामयाबी की इबारत लिखी जा सकती है।


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