(पीसीएस) परीक्षा 2018 में चयनित उप जिलाधिकारियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में नियुक्ति पत्र बांटे।

लखनऊ, । उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य/ प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) परीक्षा 2018 में चयनित उप जिलाधिकारियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोक भवन में नियुक्ति पत्र बांटे। नवचयनित अधिकारियों से उन्होंने कहा कि प्रांतीय सेवा से जुड़े अधिकारी हमारी प्रशासनिक व्यवस्था के मेरुदंड हैं। उनका नागरिकों से सीधा जुड़ाव होता है। आम जनता अपने छोटे-बड़े कार्यों के लिए इसी तंत्र पर निर्भर है। दुख से पीड़ित मानवता की सेवा के लिए अपने आप को समर्पित कर सकें यही लक्ष्य आपका होना चाहिए। यूपी पीसीएस परीक्षा 2018 में चयनित उप जिलाधिकारियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबोधित करते हुए कहा कि गरीब जनता की समस्याओं का निस्तारण कर सामाजिक और आर्थिक न्याय के लक्ष्य को प्राप्त करने में आपकी बड़ी भूमिका होती है। जितना बेहतर आपका प्रशिक्षण होगा और उसके बाद जितने मनोयोग से आप अपनी शुरुआती सेवा के चार-पांच वर्षों में काम करेंगे, आपकी सेवा की नींव उतनी मजबूत होगी। नींव मजबूत होती है तो उस पर आकार लेने वाला भवन भी मजबूत होता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यही वह समय होता है जब आप तय करते हैं कि समर्पित भाव से जनसेवा कर आप यश बटोरेंगे या पतन की ओर जाएंगे। यदि कोई अधिकारी इस नींव को शुरुआती चार से पांच वर्षों में मजबूती देता है तो अगले 25- 30 वर्ष कामयाबी को गले लगाते हुए आगे बढ़ता है। जब शुरुआती पांच वर्षों का कार्यकाल ही विवादों में घिर जाता है या नकारात्मकता की ओर चला जाता है तो आगे के दिन संकट और मुंह छुपाने के होते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि फील्ड में आपका न कोई अपना होगा और न पराया। क्षेत्र की जनता को परिवार मानकर बिना भेदभाव के काम करिए। उन्होंने कहा कि लोगों की 90 फीसद समस्याएं राजस्व से जुड़ी होती हैं। यदि हमारे एसडीएम और अन्य राजस्व कर्मी गरीबों की पीड़ा को सुनकर समस्याओ का समयबद्ध निस्तारण करें तो किसी को मेरे पास आने की जरूरत होती क्या? व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर से सांसद रहते हुए उनकी स्वयं की वरासत की कार्रवाई दो वर्ष तक पूरी नहीं हो पाई थी। तब उन्हें डीएम से कहना पड़ा था। उन्होंने कहा कि जब मेरे साथ यह हाल था तो आम आदमी का क्या होता होगा? प्रशिक्षु अधिकारियों से उन्होंने कहा कि यह आपको तय करना है कि एक सामान्य व्यक्ति की दुआ लेकर आगे बढ़ना है या उसके अभिशाप से अभिशप्त होकर अपने करियर को अंधेरे में रखना है। कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने भी संबोधित किया है।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सबसे बड़ा वेद कौन-सा है ?

हत्या का पुलिस ने कुछ ही घंटों मे किया खुलासा

आपकी लिखी पुस्तक बेस्टसेलर बने तो आपको भी सही निर्णय लेना होगा !