गाजियाबाद नगर निगम ने जारी किया देश का पहला ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड

गाजियाबाद नगर निगम ने बॉन्ड्स के जरिए 150 करोड़ रुपये का फंड जुटाया बॉन्ड से होगा टर्सियरी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (टीएसटीपी) प्लांट का निर्माण इंदिरापुरम गाजियाबाद में लगेगा प्लांट गंदे पानी का शोधन कर उसे इंडस्ट्रियल वॉटर के प्रयोग के लायक बनाया जायेगा लखनऊ: दिनांक 31 मार्च, 2021 गाजियाबाद नगर निगम ने देश का पहला ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड बुधवार 31 मार्च 2021 को जारी कर दिया है। 31 मार्च 2021 को जारी हुए बॉन्ड्स के जरिए नगर निगम ने 150 करोड़ (बेस इशू 100 करोड़ रुपये व ग्रीन इशू ऑप्शन 50 करोड़ रुपये) रुपये का फंड जुटाया है। 150 करोड़ रुपये के म्युनिसिपल बाण्ड के सापेक्ष कुल 401 करोड़ रुपये की 40 आनलाइन बिड्स बाम्बें स्टॉक एक्सचेंज के आनलाइन बिडिंग प्लेटफार्म पर प्राप्त हुई, इस प्रकार गाजियाबाद म्युनिसिपल बाण्ड 04 गुना सब्सक्राइब हुआ। बाण्ड्स का सब्सक्रिप्सन 8.10 के कूपन रेट पर हुआ, जो म्युनिसिपल बाण्ड के समकालीन इतिहास में सबसे कम दरों में से एक है। पहले एक मिनट में ही पूरा इशू सब्सक्राइब हो गया जो कि गाजियाबाद म्युनिसिपल बाण्ड में निवेशकों का विश्वास तथा उत्तर प्रदेश सरकार के गुड गवर्नेंस की नीति में विश्वास दर्शित करता है। इस बॉन्ड से टर्सियरी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (टीएसटीपी) का निर्माण किया जाएगा। इस प्लांट से गंदे पानी का शोधन कर उसे इंडस्ट्रियल वॉटर के लायक बनाकर उसका प्रयोग किया जाएगा। गाजियाबाद में साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया के लिए इस परियोजना को तैयार किया जा रहा है। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 240 करोड़ रुपये की है, जिसकी पार्ट फंडिंग गाजियाबाद नगर निगम के ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड से की जाएगी। इस योजना के लिए गाजियाबाद नगर निगम एक फर्म से डीपीआर भी तैयार करा चुका है। योजना के लागू हो जाने से उद्योगों की ग्राउंडवाटर पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। जल दोहन पर भी रोक लगेगी। नगर निगम को इस प्रोजेक्ट से आमदनी भी होगी। नगर निगम उद्योगों को पानी की आपूर्ति के बदले यूजर चार्ज लेगा। ये परियोजना लगभग 27 से 30 माह के अंदर तैयार हो जाएगी। ये प्लांट इंदिरापुरम गाजियाबाद में लगाया जाएगा। प्रदेश सरकार की ओर से साल 2019 में लखनऊ और गाजियाबाद नगर निगम को बॉन्ड जारी करने की मंजूरी दी गई थी। इसके बाद सेबी से अधिकृत एजेंसी से क्रेडिट रेटिंग कराई गई। बिक्रवर्क एवं इण्डिया रेटिंग जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा रेटिंग दी गयी है। ज्ञातब्य है कि ग्रीन बॉन्ड किसी भी इकाई, सरकारी समूहों या गठबंधनों और कॉरपोरेट्स द्वारा जारी किया गया बॉन्ड होता है, जिनका उद्देश्य बॉन्डों से जुटाये गये पैसे को पर्यावरणीय रूप से वर्गीकृत परियोजनाओं के लिए उपयोग किया जाता है। इस प्रकार गाजियाबाद नगर निगम द्वारा जारी 150 करोड़ का ग्रीन बाण्ड वाटर रीयूज के सिद्वांत पर आधारित होने के कारण पर्यावरणीय रूप से सर्वथा अनुकूल एवं अपने में अन्य बाण्डों से अलग है। नगर विकास निदेशालय में ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड की बीडिंग के दौरान अपर मुख्य सचिव नगर विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन श्री डॉ. रजनीश दुबे, विशेष सचिव नगर विकास विभाग व मिशन डायरेक्टर स्मार्ट सिटी मिशन श्री इंद्रमणि त्रिपाठी, नगर आयुक्त गाजियाबाद श्री महेन्द्र सिंह तवर, एचडीएफसी बैंक के जोनल हेड श्री प्रभात उपाध्याय, एचडीएफसी बैंक के स्टेट हेड श्री मनोज राय, एचडीएफसी बैंक के एरिया हेड श्री रंजीत सिंह, ऐके कैपिटल के डायरेक्टर श्री वरूण कौशिक, ऐके कैपिटल के एवीपी वैभव जैन, बीएसई की मैनेजर सुश्री हेमलता अग्रवाल, दाराशॉ के वाइस प्रेसिडेंट श्री अनुराग अरूण समेत कई लोग मौजूद रहे। वर्चुअल माध्यम से महापौर गाजियाबाद तथा गाजियाबाद बाण्ड कमेटी के सदस्यों के साथ-साथ श्री केशव वर्मा, सलाहकार, नगर विकास विभाग एवं श्रीमती सुजाता श्री कुमार, म्युनिसिपल बाण्ड विशेषज्ञ शामिल रहे।

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