युवा ब्राह्मण महामंडल द्वारा मनाया गया भगवान परशुराम का प्राकट्य उत्सव

भगवान् का जलाअभिषेक कर संपूर्ण विश्व के कल्याण की कामना की गई ललितपुर। युवा ब्राह्मण महामंडल द्वारा भगवान परशुराम जी की जयंती परशुराम मंदिर इलाइट पर मनाया गया। इस अवसर पर सभी युवा साथियों ने भगवान परशुराम की मूर्ति का जलाअभिषेक करके माल्यार्पण किया। इस अवसर पर स्वस्ति वाचन एवं वेद पाठ से भगवान परशुराम जी को प्रसाद अर्पण करके उनकी आरती उतारी गई। इस अवसर पर पंडित ललित कौशिक ने कहा भगवान परशुराम ने संपूर्ण विश्व का कल्याण करने का जो कार्य किया है वह अतुलनीय है। हम सब आज इस कठिन दौर से गुजर रहे हैं जिसमें आज कई साथी हमारे साथ नहीं रहे लेकिन यह समय भी जल्द ही गुजर जाएगा और आने वाला समय सुखद होगा। उन्होंने कहा की भगवान परशुराम ने भगवान शंकर की कठोर तपस्या की जिससे प्रसन्न होकर भगवान शंकर ने भगवान परशुराम जी को फरसा भेंट स्वरूप दिया था जिसे हम परशु भी कहते हैं। इसी कारण इनका नाम परशुराम पड़ा। पंडित रामेश्वर मालवीय ने कहा की ब्राह्मण समाज सदैव ही भगवान परशुराम के द्वारा किए गए कार्यों को नमन करता आया है। भगवान परशुराम जी की जयंती हर वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि जिसको हम सभी अक्षय तृतीया के रूप में मनाते हैं। भगवान परशुराम भगवान विष्णु के छठवें अवतार माने जाते हैं। उन्होंने कहा की हनुमान जी महाराज की तरह इन्हें भी चिरंजीव होने का आशीर्वाद प्राप्त है। इस अवसर पर युवा ब्राह्मण महामंडल के अध्यक्ष प्रशांत तिवारी ने कहा कि भगवान परशुराम आज भी हम सबके ऊपर कृपा बनाए हुए हैं जिस कारण हम सब बहुत जल्द ही इस महामारी से छुटकारा भी पाएंगे और संपूर्ण विश्व का कल्याण होगा। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष उमाशंकर विदुआ, ललित कौशिक, सुधांशु शेखर हुण्डैत, रत्नेश तिवारी, रामेश्वर मालवीय, प्रशांत तिवारी, अनूप तिवारी, हरीबाबू शर्मा, दिनेश गोस्वामी, शत्रुघ्न शुक्ला, रविकांत तिवारी, राजीव हुण्डैत, पवन शास्त्री, नितिन पाराशर, भरत रिछारिया, गोलू चौबे, डा.दीपक चौबे, दीपक पाराशर सहित अनेकों युवा साथी उपस्थित रहे। इसके बाद सभी को प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रशांत तिवारी ने किया।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सबसे बड़ा वेद कौन-सा है ?

हत्या का पुलिस ने कुछ ही घंटों मे किया खुलासा

पौष्टिकता से भरपूर: चंद्रशूर