सीएमओ कार्यालय के दो दर्जन अधिकारी व कर्मचारी मिले अनुपस्थित

डीएम ने स्पष्टीकरण लेकर एक सप्ताह में मांगी आख्या
औचक निरीक्षण करने सीएमओ कार्यालय पहुंचे थे जिलाधिकारी
शिवम अग्निहोत्री
ललितपुर। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण काल के दौरान जहां एक ओर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए जिलाधिकारी भरशक प्रयास कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर सीएमओ कार्यालय में तैनात अधिकारी व कर्मचारी अपने कर्तव्यों से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। यह बात जिलाधिकारी अन्नावि दिनेश कुमार द्वारा सीएमओ कार्यालय के किये गये औचक निरीक्षण में सामने आयी। सीएमओ कार्यालय में निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी को कुल 46 नियमित कर्मियों में 11 कर्मी अनुपस्थित मिले, जबकि संविदा पर तैनात कुल 30 कर्मियों में 13 अधिकारी व कर्मचारी अनुपस्थित मिले। जिनके स्पष्टीकरण एक सप्ताह में लेने के लिए सीएमओ को निर्देशित किया गया है। डीएम के निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका में नियमित कर्मियों में वरिष्ठ सहायक जे.पी. सुडेले, वरिष्ठ सहायक संतोष कुमार वर्मा, अवर अभियन्ता आर.के.अवस्थी, वाहन चालक सामन्त सिंह, चपरासी बद्रीप्रसाद, कनिष्ठ सहायक अनुराग शाण्डिल्य, एनएमएस स्वरूपचंद्र जैन, प्रधान सहायक इन्द्रपाल सिंह, चीफ फार्मासिस्ट उमाशंकर, चपरासी संतोष कुमार व एआरओ अजय कुमार के अलावा संविदा कर्मचारियों में डीसी डा.रूद्रप्रताप सिंह, डीईआईसी डा.सुखदेव पंकज, एपीडिमोलॉजिस्ट डा.देशराज दोहरे, काउंसलर कमल किशोर, डीपीएफ गौरव जैन, लिपिक बलवीर सिंह यादव, लिपिक, रविशंकर झां, लिपिक ज्योति निरंजन, डीईओ अश्वनी कटारे, सीसीएच बलवीर बट्टा, डीईओ ज्योति अग्निहोत्री, डीएम शालिनी दीक्षित व चपरासी संतोष कुमार आदि अनुपस्थित पाये गये। डीएम ने सीएमओ को निर्देशित किया कि अनुपस्थित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर एक सप्ताह के भीतर अपने मंतव्य सहित भिजवाना सुनिश्चित करें। पूर्वान्ह 10.45 बजे तक 24 अधिकारी/कर्मचारियों का बगैर सूचना के कार्यालय में अनुपस्थित रहना यह दर्शाता है कि कार्यालय में अनुशासन का अभाव है। कार्यहित में यह प्रवृत्ति उचित नहीं है तथा शासन की मंशा के विपरीत है। कार्यालय में साफ-सफाई एवं कार्य की गुणवत्ता प्रथम दृष्टया मानक के अनुरूप नहीं पायी गयी, जिसमें विशेष सुधार एवं समुचित पर्यवेक्षण की आवश्यकता है। इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी ने 27 जनवरी 2021 को किये गये निरीक्षण में पत्र से स्पष्ट निर्देश दिये थे, किन्तु अधिकारी/कर्मचारियों के कार्य, व्यवहार एवं आचरण में सुधार नहीं हो रहा है, यह आपत्तिजनक है। मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा बताया गया कि वरिष्ठ सहायक जे.पी. सुड़ेले एवं वाहन चालक सामन्त सिंह समय से कार्यालय आ गये थे, किन्तु उनके द्वारा उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर नहीं बनाये जा सके। मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया कि उपस्थिति पंजिका में कर्मचारी समय से हस्ताक्षर बनायें। अवगत हो कि वर्तमान समय में कोविड-19 वैश्विक महामारी चल रही है। ऐसी स्थिति में भी चिकित्सा विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा लापरवाही किया जाना घोर आपत्तिजनक है। मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया कि वर्तमान में वैश्विक महामारी कोविड-19 के दृष्टिगत स्टॉफ की ससमय, नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करायें। साथ ही चिकित्सकों एवं अन्य स्टॉफ का अधिकाधिक सहायोग लें, ताकि कोविड-19 के दौरान आमजन को अपेक्षित लाभ मिल सके। उत्तरदायी कर्मचारियों का स्पष्टीकरण प्राप्त कर एक सप्ताह के भीतर भिजवाना सुनिश्चित करें।

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