अयोध्या में उत्तर प्रदेश की विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं का संगम




मकर संक्रांति (15 जनवरी) से शुरू होगी देवकी नंदन ठाकुर की कथा



राम की पैड़ी, धर्मपथ, तुलसी उद्यान, सर्किट हाउस के पास, राज सदन, साकेत कॉलेज आदि स्थानों पर संस्कृतियों से अवगत होंगे दर्शक 



फरुवाही, भजन, बधावा लोकनृत्य, अवधी लोकगायन समेत अनेक विधा से हो सकेंगे अवगत 



अयोध्या, 14 जनवरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर रामनगरी में उत्तर प्रदेश समेत समूचे देश की सांस्कृतिक विधाओं का संगम हो रहा है। इस क्रम में मकर संक्रांति (15 जनवरी) से कई नए आयोजन भी होंगे। एक तरफ रामकथा पार्क में देवकी नंदन ठाकुर की कथा का आगाज होगा तो राम की पैड़ी,  धर्मपथ,  तुलसी उद्यान, सर्किट हाउस के पास, राज सदन, साकेत कॉलेज आदि स्थानों पर दर्शक फरुवाही, भजन, बधावा लोकनृत्य, अवधी लोकगायन आदि से जुड़ी सांस्कृतिक गतिविधियों से परिचित होंगे। नव्य-दिव्य व भव्य अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ ही यह आयोजन सांस्कृतिक अयोध्या की नई थीम से परिचित कराएगा।  





रामकथा पार्क में 15 जनवरी से प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर की कथा होगी। 23 जनवरी तक चलने वाली कथा सुबह 11 से दोपहर दो बजे तक होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर रामकथा का आठ जनवरी से निरंतर आयोजन किया जा रहा है। 70 दिनों तक चलने वाले रामकथा में हर सप्ताह अलग-अलग कथा वाचक रामकथा का श्रवण कराएंगे। 8 से 14 जनवरी तक चिन्मयानंद बापू ने रामभक्तों के समक्ष रामकथा की। 



देश के अन्य राज्यों की भी प्रस्तुति देख सकेंगे अयोध्यावासी

रामनगरी में समूचा भारत उमड़ पड़ा है। इस निमित्त सोमवार को राम की पैड़ी पर देश के अनेक राज्यों के लोग भी अपनी प्रस्तुति देंगे। राम की पैड़ी पर महाराष्ट्र के शैलेष भागवत शहनाई वादन करेंगे। महाराष्ट्र के हर्ष वर्धन की सारंगी और दिल्ली के शाश्वत मंडल भजन से श्रीराम के चरणों में अपनी हाजिरी लगाएंगे। अनुज मिश्र का कथक, ज्योति श्रीवास्तव ओडिशी नृत्य,  अंजना झा व सुरभि शुक्ला कथक पर प्रस्तुति देंगी। मीनू ठाकुर राम की पैड़ी पर कुचिपुड़ी नृत्य से दर्शकों को भाव-विभोर करेंगी।  








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